Wednesday , December 13 2017

पुरोहित के सीक्रेट लेटर में बड़ा खुलासा

मालेगांव विस्फोट मामले के आरोपी लेफ्टिनेंट कर्नल श्रीकांत पुरोहित के एक कथित ‘गोपनीय’ लेटर में अजमेर, मालेगांव और मोदासा में हुए विस्फोटों के लिए दक्षिणपंथी संगठनों को जिम्मेदार ठहराया गया है। मालेगांव में 29 सितंबर 2008 को विस्फोट हुआ था। लेटर 15 अक्टूबर 2008 को आर्मी इंटेलिजेंस को भेजा गया था। इकनॉमिक टाइम्स ने 2 पेज का यह लेटर देखा है। इसमें लिखा गया है, ‘एक ए-2 सूत्र ने महाराष्ट्र और गुजरात में दक्षिणपंथी गतिविधियों के संबंध में कुछ अहम सूचना दी है।

पुरोहित की भूमिका की जांच कर रहे NIA (नैशनल इनवेस्टिगेशन एजेंसी) ने तो कहा कि मामले की जांच की जा रही है, लेकिन एजेंसी के सीनियर अधिकारियों का मानना है कि यह ‘इनपुट बाद में सोच-समझकर’ जेनरेट किया गया था। पुरोहित को महाराष्ट्र एटीएस ने 5 नवंबर 2008 को अरेस्ट किया था। बाद में साध्वी प्रज्ञा सिंह ठाकुर और 9 अन्य के साथ पुरोहित के खिलाफ चार्जशीट दाखिल की गई थी।

इस लेटर में पुरोहित ने आरएसएस (राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ) के नेता इंद्रेश कुमार का नाम भी लिया है और कहा है, ‘एबीवीपी कार्यकर्ताओं और एबीवीपी से जुड़े रहे लोगों पर उनका काफी प्रभाव है।’ हालांकि, इंद्रेश ने इन सभी आरोपों का खंडन किया है। ‘असेसमेंट’ शीर्षक के तहत पुरोहित ने आरएसएस को नुकसान कम करने की कोशिश की है और लिखा है, ‘आरएसएस जैसे संगठन में भटकाव से गुजरात/मालेगांव जैसे ऐक्शंस की राह बनती है। इससे सांप्रदायिक टकराव को बढ़ावा मिलता है, जिससे सिमी/आईएम ऐक्टिविस्ट्स और सपोर्टर्स को ऐक्शन लेने का बहाना मिलता है। इससे देश में कई अलगाववादी मूवमेंट्स की राह बन सकती है और दोष आरएसएस जैसे संगठन और दूसरों पर जाएगा।’

इसमें लिखा गया है, ‘ऐसे ही एक शख्स (इंद्रेश के सहयोगी) पी जोशी का 2007 में अज्ञात लोगों ने देवास में कत्ल कर दिया था। इस व्यक्ति पर अजमेर शरीफ दरगाह में देसी बम धमाके में शामिल होने का शक था। जब उसकी मौत/हत्या हो गई, तो उसके शव से गुजरात जाने का एक टिकट मिला था। उस इलाके में सक्रिय एक अन्य शख्स प्रज्ञा सिंह नाम की महिला है, जो मूल रूप से मुरैना या भिंड की है। वह इंदौर, जबलपुर और गुजरात आती-जाती रहती है।’

पुरोहित ने अपने लेटर में यह भी कहा है कि मोदासा और मालेगांव में हुए विस्फोटों का मामला आपस में जुड़ा था। लेटर में लिखा गया है, ‘आप देखेंगे कि गुजरात और मालेगांव में विस्फोट एक ही दिन, एक वक्त पर और एक ही टेक्नीक से किए गए थे।’ ईटी ने पहले रिपोर्ट दी थी कि एनआईए ने इसी साल मोदासा ब्लास्ट केस में क्लोजर रिपोर्ट फाइल की थी।

लेटर में यह भी कहा गया है, ‘मालेगांव बम विस्फोट में जिस वाहन का इस्तेमाल किया गया था, उसे तीन अलग-अलग वाहनों के हिस्सों से तैयार किया गया था। इनमें से एक बजाज फ्रीडम था और यह गाड़ी एक महिला के नाम पर रजिस्टर्ड थी। इसका उपयोग पी जोशी ने अपनी हत्या होने से पहले किया था। इस गाड़ी का रजिस्ट्रेशन गुजरात के सूरत में कराया गया था।’

Source – NBT

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