पुलवामा में शहीद जवान के अंतिम संस्कार में जूते पहन पहुंचे भाजपा नेता, लोगों ने किया विरोध

पुलवामा में शहीद जवान के अंतिम संस्कार में जूते पहन पहुंचे भाजपा नेता, लोगों ने किया विरोध

पुलवामा आतंकी हमले में शहीद जवान अजय कुमार का अंतिम संस्कार बुधवार को मेरठ में किया गया. उनके अंतिम संस्कार में परिजनों के साथ भाजपा नेता और मंत्री भी शामिल हुए थे. उनमें एक उत्तर प्रदेश के मंत्री चप्पल पहनकर आए थे. इसे लेकर पीड़ित परिजनों ने गुस्सा किया. बाद में वहां मौजूद अन्य लोगों के साथ उन्हें भी जूता खोलना पड़ा.

एनडीटीवी खबर के मुताबिक अजय कुमार का अंतिम संस्कार मेरठ के आईआईटी कॉलेज के खेल मैदान में हो रहा था. भीड़ को देखते हुए पुलिस ने चिता के आसपास बैरिकैडिंग लगा दी थी. अंतिम संस्कार में केंद्रीय राज्य मंत्री सत्यपाल सिंह, उत्तर प्रदेश सरकार में मंत्री सिद्धार्थ नाथ सिंह और मेरठ से भाजपा विधायक राजेंद्र अग्रवाल शामिल हुए थे. वे बैरिकैडिंग के अंदर जाकर बैठ गए थे.

इस घटना का वीडियो सोशल मीडिया में शेयर किया जा रहा है. जिसमें जूता पहने हुए भाजपा नेता पर नाराजगी व्यक्त करते हुए परिजन दिखाई दे रहे हैं. इस दौरान कुछ नेता हंसते हुए भी नजर आ रहे हैं. लोग इसे शहीद का अपमान बता रहे थे.

नवभारत टाइम्स के मुताबिक अजय कुमार के अंतिम संस्कार के दौरान भाजपा नेताओं को जूते पहनकर चिता के पास बैठने पर विरोध का सामना करना पड़ा. आक्रोशित लोगों ने वहां मौजूद केंद्रीय राज्य मंत्री सत्यपाल सिंह के साथ अन्य नेताओं का विरोध किया.

लोगों ने कहा कि भाजपा के नेता शहीद जवान का अपमान कर रहे हैं. बाद में उत्तर प्रदेश के मंत्री सिद्धार्थनाथ सिंह के साथ कई नेताओं ने जूते उतारे. यह पूरा मामला वहां मौजूद मीडिया के कैमरे में कैद हो गई.

आज तक में छपे खबर के मुताबिक सोशल मीडिया में वायरल कुछ तस्वीरों में केंद्रीय राज्यमंत्री सत्यपाल सिंह अजय कुमार के अंतिम संस्कार के दौरान हंसते हुए नजर आ रहे हैं. उनके साथ स्थानीय नेता भी मौजूद थे.

अंतिम संस्कार में भाजपा नेताओं का यूं हंसना वहां बैठे परिजनों और लोगों को पसंद नहीं आया. जिसके बाद परिजनों ने इस पर आपत्ति भी जताई. मामले को बढ़ता देख केंद्रीय मंत्री सत्यपाल सिंह हाथ जोड़कर लोगों से माफी मांगी.

इतना ही नहीं मंत्री समेत कई नेता उस दौरान वहां पर जूते पहनकर बैठे थे. लोगों का गुस्सा देख उन्होंने तुरंत जूते उतारे और दोबारा वहां बैठे.

मेरठ के अलावा ऐसी ही घटना ओड़िशा में भी हुआ. पुलवामा हमले में शहीद जवान मनोज बेहेरा के अंतिम संस्कार के दौरान बीजेडी के स्थानीय विधायक देबाशीष सांमत्रेय उनके परिजनों के साथ बदसलूकी करते नजर आए. विधायक ने इस दौरान शहीद जवान के चाचा को धक्का दिया और उन्हें जबरन पार्थिव शरीर के पास बैठने को कहा.

गौरतलब है कि 14 फरवरी को पुलवामा ज़िले के अवंतिपुरा में सीआरपीएफ के काफिले पर हुए आत्मघाती हमला हुआ था, जिसमें सीआरपीएफ के 40 जवान शहीद हुए थे जबकि कई अन्य घायल हो गए थे. इसके बाद सोमवार को तलाशी अभियान के दौरान  हुए मुठभेड़ में चार जवान शहीद हो गए थे और एक आम नागरिक की भी मौत हो गई थी.

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