Sunday , September 23 2018

पुलिस का ज़ुल्म: खातून की जमकर पिटाई की

शिवपुरी, 14 जुलाई: पुलिस को इंसान बनाने के लंबे चौड़े दावे हवा हवाई ही साबित हो रहे हैं। मध्य प्रदेश में एक एहतिजाजी मुज़ाहिरा के दौरान पुलिस के बेरहम रवैये का नजारा एक बार फिर देखने को मिला।

शिवपुरी, 14 जुलाई: पुलिस को इंसान बनाने के लंबे चौड़े दावे हवा हवाई ही साबित हो रहे हैं। मध्य प्रदेश में एक एहतिजाजी मुज़ाहिरा के दौरान पुलिस के बेरहम रवैये का नजारा एक बार फिर देखने को मिला।

रियासत के करेरा कस्बे के पास खैराकोटिया गांव की ख़्वातीन और मर्द सड़क जाम कर एक शख्स के कत्ल का मामला दर्ज कराने के लिए एहतिजाजी मुज़ाहिरा कर रही थीं।

पुलिस के खराब रवैये से नाराज़ हुजूम की पुलिस से हाथापाई की नौबत आ गई। इस दौरान एक पुलिस आफीसर ने आपा खो दिया और एक खातून की जमकर पिटाई कर डाली।

पुलिस के मुताबिक , एक 48 साला शख्स की 11-12 जुलाई की रात को घर लौटते वक्त कत्ल कर दिया गया। वाकिया के वक्त मक्तूल अपनी बीवी और बेटी के साथ वापस आ रहा था।

खानदान वालो ने जमीन के झगड़े को लेकर कुछ लोगों पर कत्ल का इल्ज़ाम लगाया। पुलिस की तरफ से नामज़द इल्ज़ामात के खिलाफ मामला दर्ज नहीं करने पर गाँव वालों ने लाश को लेकर सड़क जाम कर दी।

हंगामे की इत्तेला मिलने पर सीनीयर पुलिस और इंतेज़ामिया ज़ाय वाकिया पर पहुंचे और जाम हटाने की कोशिश की। इसी दौरान पुलिस ने लाश को सड़क से जबरन हटाने की कोशिश की तो मक्तूल के खानदान की एक खातून ने इसका एहतिजाज किया।

इस पर एक पुलिसअहलकार ने उसकी गर्दन पकड़कर जमकर पिटाई कर दी। यह पूरा वाकिया कैमरे पर कैद हो गया। इस वाकिया के टेलीविजन पर टेलीकास्ट होने के बाद सियासी सरगर्मी तेज हो गई।

हालांकि पुलिस का दावा है कि वह सिर्फ खातून को ज़ाय वाकिया से हटा रही थी और उसकी पिटाई का इल्ज़ाम गलत है।

रियासत के वज़ीर ए दाखिला उमाशंकर गुप्ता ने कहा कि वहां पर कुछ चूक नजर आ रही है। पुलिस से इस मामले की रिपोर्ट मांगी गई है।

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