Monday , June 18 2018

पुलिस की बरवक़्त अदम कारकर्दगी से शहर के हालात में बिगाड़

मुत्तहदा मुस्लिम मजलिस-ए-अमल का आज हैदराबाद में इजलास मुनाक़िद हुआ जिस में शहर में हालिया फ़िर्कावाराना किस्म के वाक़ियात पर तशवीश का इज़हार किया गया।

मुत्तहदा मुस्लिम मजलिस-ए-अमल का आज हैदराबाद में इजलास मुनाक़िद हुआ जिस में शहर में हालिया फ़िर्कावाराना किस्म के वाक़ियात पर तशवीश का इज़हार किया गया।

इजलास का ये एहसास था कि नज़म-ओ-नसक़ और खास तौर पर पुलिस के बरवक़्त इक़दामात में नाकामी के सबब फ़िर्कावाराना किस्म की सूरत-ए-हाल पैदा हुई है।

पुलिस हिंदू फिरका परस्त ताक़तों और उन की सरगर्मियों की सरकूबी में नाकाम होचुकी है, जिस के बाइस वो शहर की सूरत-ए-हाल को बिगाड़ने की कोशिश कर रहे हैं।

जनाब मुहम्मद अबदुर्रहीम कुरैशी कन्वीनर मुत्तहदा मुस्लिम मजलिस-ए-अमल की सदारत में इजलास मुनाक़िद हुआ । इजलास ने हालिया अर्से में शहर में पेश आए मुख़्तलिफ़ वाक़ियात का जायज़ा लिया और इस पर तशवीश का इज़हार किया।

अख़बारी नुमाइंदों से बात चीत करते हुए जनाब रहीम कुरैशी ने कहा कि अगर फ़ौरी इक़दामात नहीं किए गए तो सूरत-ए-हाल बिगड़ सकती है और अवामी जान-ओ-माल को नुक़्सान पहुंच सकता है।

उन्हों ने कहा कि गुज़श्ता माह ईद अज़हा के मौक़ा पर हिंदूतवा की ताक़तों ने क़ुर्बानी के लिए शहर को मुंतक़िल किए जाने वाले जानवरों को रोकने की कोशिश की और मुंतक़िल करने वाले अफ़राद पर हमला किया।

मुख़्तलिफ़ मुक़ामात पर अकलियती तबक़ा के अफ़राद पर हमला करते हुए चाकू ज़नी के वाक़ियात पेश आए। उन्हों ने कहा कि बी जे पी के क़ाइद किशन रेड्डी ने क़ुर्बानी के जानवरों को रोकने हिंदू तबक़ा को मुश्तइल करने की कोशिश की और उन की इश्तिआल अंगेज़ तक़रीर के ख़िलाफ़ पुलिस ने कोई कार्रवाई नहीं की।

मुत्तहदा मुस्लिम मजलिस-ए-अमल के क़ाइदीन ने बताया कि हालिया अर्से में आर एस एस और वे एच पी के क़ाइदीन ने भी शहर का दौरा करते हुए इश्तिआल अंगेज़ तक़ारीर कीं।

उन्हों ने मुतालिबा किया कि पुलिस के आला ओहदेदार सब्ज़ी मंडी में फ़राइज़ की अंजाम दही में तसाहुल और ग़फ़लत के ज़िम्मेदार मातहत ओहदेदारों के ख़िलाफ़ कार्रवाई करें।

कमेटी ने 22 पुलिस ओहदेदारों की निशानदेही की, जो 1988–से हैदराबाद में मुख़्तलिफ़ ओहदों पर ख़िदमात अंजाम दे रहे हैं।

कमेटी का कहना था कि इन ओहदेदारों के गैर समाजी अनासिर से गहरे रवाबित के बाइस वो सूरत-ए-हाल पर क़ाबू पाने में नाकाम हैं। लिहाज़ा उन का फ़ौरी तबादला किया जाना चाहीए।

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