Friday , December 15 2017

पुलिस को पड़ी फटकार, श्रीसंत-चंडीला गए तिहाड़

नई दिल्ली, 29 मई: अदालत ने आईपीएल स्पॉट फिक्सिंग मामले में दिल्ली पुलिस की स्पेशल सेल को दूसरा झटका देते हुए क्रिकेटर श्रीसंत की रिमांड की मुद्दत बढ़ाने से इंकार कर दिया।

नई दिल्ली, 29 मई: अदालत ने आईपीएल स्पॉट फिक्सिंग मामले में दिल्ली पुलिस की स्पेशल सेल को दूसरा झटका देते हुए क्रिकेटर श्रीसंत की रिमांड की मुद्दत बढ़ाने से इंकार कर दिया।

अदालत ने कहा बिना ठोस सुबूत की बुनियाद पर रिमांड की उद्दत बढ़ाना मुल्ज़िम श्रीसंत के साथ नाइंसाफी होगी। इतना ही नहीं अदालत ने पुलिस के तरीकेकार पर कई संगीन सवाल उठाते हुए फटकार लगाई। अदालत ने श्रीसंत के इलावा अजीत चंदीला, अश्विनी अग्रवाल व चंद्रेश पटेल को 4 जून तक के लिए अदालती हिरासत में तिहाड़ जेल भेज दिया। वहीं, अदालत ने अंकित चव्हाण को शादी के लिए जमानत देने से भी इंकार कर दिया।

साकेत वाकेए चीफ मैट्रोपोलिटन मजिस्ट्रेट लोकेश कुमार ने पुलिस के उस तर्क को खारिज कर दिया कि मुल्ज़िम श्रीसंत को मुंबई होटल से श्रीसंत का सामान गायब करने वाले अभिषेक शुक्ला से आमने-सामने बिठाकर पूछताछ करनी है। अदालत ने कहा कि पुलिस के ही मुताबिक सामान शुक्ला ने मुल्ज़िम जीजू की हिदायत पर गायब किया था न कि श्रीसंत के। जबकि श्रीसंत उस वक्त पुलिस की हिरासत में था।

अदालत ने पुलिस व इस्तेगाशा के बीच तालमेल न होने पर भी नारागजी जताई। अदालत ने कहा, ‘जांच आफीसर रिमांड पेपर में सिर्फ श्रीसंत का रिमांड बढ़ाने के लिए पांच लाख रुपये बरामदगी का तर्क रख रहे है, जबकि सरकारी वकील होटल से गायब इलेक्ट्रानिक सामान बरामद करने की दलील रख रहे हैं।’ अदालत ने कहा वे पुलिस व सरकारी वकील के दलीलों पर सहमत नहीं है और श्रीसंत का पहले ही तीन बार रिमांड लिया जा चुका है।

अदालत ने कहा अब उसकी रिमांड की मुद्दत बढ़ाने की कोई बुनियाद नहीं है इसलिए वे पुलिस की दरखास्त को खारिज कर सभी चारों को 4 जून तक अदालती हिरासत में भेजते हैं।

इससे पहले, जांच आफीसरव सरकारी वकील राजीव मोहन ने अदालत से श्रीसंत की रिमांड की मुद्दत 2 दिन के लिए बढ़ाने कि दरखास्त करते हुए बताया कि श्रीसंत की गिरफ्तारी के बाद मुल्ज़िम जीजू व राजीव के कहने पर अभिषेक शुक्ला नाम का शख्स उनके कमरे में गया व इलेक्ट्रानिक सामान वगैरह हटा दिया था। उन्होंने शुक्ला सुबह 1.30 बजे मुंबई से आकर पूछताछ में शामिल हुआ है। उन्होंने कहा श्रीसंत को उसके सामने बिठाकर मालूम करना है कि वह कौन सा सामान ले गया था।

अदालत के पूछने पर वे वाजेह नहीं कर पाए कि जब श्रीसंत उनकी हिरासत में था तो वह कैसे बता सकता कि क्या सामान ले गया था। इसके इलावा अगर कोई सामान बरामद भी हो गया तो कैसे साबित होगा कि वह श्रीसंत का है। इश्तेगासा ने कहा श्रीसंत ने शुक्ला का पैन कार्ड जयपुर में इस्तेमाल किया था।

अदालत ने इस तर्क को भी खारिज करते हुए कहा पैन कार्ड इस्तेमाल करना कोई जुर्म नहीं है जबकि आप ही कह रहे है कि श्रीसंत ने खुद इस्तेमाल नहीं किया। ऐसे में रिमांड नहीं दिया जा सकता।

——-बशुक्रिया: अमर उजाला

TOPPOPULARRECENT