Sunday , September 23 2018

पुलिस ज़ुलम से बचने मुस्लिम नौजवान मौत को गले लगाने पर मजबूर!

पुलिस गिरफ़्तारी से ख़ुद को बचाने की कोशिश में हलाक होने वाले मुस्लिम नौजवान फ़ैसल की मौत पर ब्रहम समाजी तंज़ीमों ने कहा कि पुलिस गिरफ़्तारीयों में मुस्लिम नौजवानों के साथ दुश्मनों जैसा सुलूक कर रही है । पुलिस की मुबय्यना हरास

पुलिस गिरफ़्तारी से ख़ुद को बचाने की कोशिश में हलाक होने वाले मुस्लिम नौजवान फ़ैसल की मौत पर ब्रहम समाजी तंज़ीमों ने कहा कि पुलिस गिरफ़्तारीयों में मुस्लिम नौजवानों के साथ दुश्मनों जैसा सुलूक कर रही है । पुलिस की मुबय्यना हरासानी से फ़ैसल की मौत पर ब्रहम मूमैंट फ़ार पीस ऐंड जस्टिस और हेल्प् हैदराबाद ने मसला को इंसानी हुक़ूक़ कमीशन से रुजू करदिया और शहर में जारी पुलिसमज़ालिम का कमीशन से तफ़सीली तज़किरा किया ।

सदर नशीन इंसानी हुक़ूक़ कमीशन ने इन क़ाइदीन की दरख़ास्त की तफ़सीली समाअत के बाद डायरैक्टर जनरल आफ़ पुलिस आंधरा प्रदेश और सिटी पुलिस कमिशनर को अहकामात जारी करते हुए हिदायत दी कि वो 18 अप्रैल तक फ़ैसल की मौत और पुलिस पर इल्ज़ामात की तफ़सीली रिपोर्ट कमीशन में पेश करें ।

इस मौक़ा पर हामिद मुहम्मद ख़ान एम पी जे और हेल्प् हैदराबाद के सदर मेजर कादरी ने कहा कि मुस्लिम नौजवान पुलिस के ज़ुलम से अपने आप को बचाने के लिए मौत को गले लगा रहे हैं ।

शहर में पुलिस मज़ालिम और मुस्लिम दुश्मनी की इस से बड़ी मिसाल और क्या हो सकती है कि एक नौजवान ने पुलिस के ख़ौफ़ से बुलंदी से छलांग लगादी । उन्हों ने कहा कि फ़सादात और फ़िर्का वाराना तशद्दुद के वाक़ियात में गिरफ़्तार अफ़राद के साथ जानिबदाराना रवैय्या मुस्लिम समाज में अदम तहफ़्फ़ुज़ के रुजहान को पैदा कर रहा है ।

उन्हों ने साबिक़ की मिसालें देते हुए कहा कि मुस्लिम नौजवानों को एक मुक़द्दमा गिरफ़्तार करने के बाद उन पर कई संगीन दफ़आत को आइद करदिया गया और दहश्तगर्दी के इल्ज़ामात उन पर आइद करते हुए जेल की साबितें बर्दाश्त करने पर उन्हें मजबूर कर दिया गया । उन्हों ने कहा कि पुलिस की नाएहली और तास्सुब पसंदी से मुस्लिम समाज में बेचैनी पैदा होगई है और ग़म-ओ-ग़ुस्सा पाया जाता है । उन्हों ने पुलिस के रवैय्या को सख़्त तन्क़ीद का निशाना बनाते हुए कहा कि मुस्लिम नौजवानों की गिरफ़्तारी में तास्सुब का रवैय्या और हिन्दू नौजवानों की गिरफ़्तारी में हमदर्दी का रवैय्या अपनाए हुए है ।

उन्हों ने इल्ज़ाम लगाते हुए कहा कि पुलिस में पाए जाने वाले चंद फ़सताई ज़हनीयत के ओहदेदारों की वजह सहि सारा महकमा बदनाम हो रहा है । जो ना सिर्फ समाज में तफ़र्रुक़ा बल्कि दस्तूर की ख़िलाफ़वरज़ी का मूजिब बन रहे हैं । उन्हों ने कहा कि मुस्लिम नौजवानों की गिरफ़्तारी के लिए घरों के दरवाज़े तोड़ कर उन्हें गिरफ़्तार किया जा रहा है ।

जबकि हिन्दू नौजवानों की गिरफ़्तारी में इन से हमदर्दी की जा रही है । उन्हों ने पुलिस के आला ओहदेदारों से मुतालिबा किया कि वो गिरफ़्तारीयों के नज़म में शफ़्फ़ाफ़ियत और ग़ैर जानिबदारी का मुज़ाहरा करें । उन्हों ने रियास्ती हुकूमत से मुतालिबा किया कि वो फ़ौरी तौर पर पुलिस को पाबंद करें कि वो गिरफ़्तारी के निज़ाम में शफ़्फ़ाफ़ियत पैदा करें

और किसी भी मुस्लिम या फिर हिन्दू नौजवान या फिर किसी जुर्म के इल्ज़ाम में गिरफ़्तार फ़र्द की तमाम तर तफ़सीलात वैब साईट पर फ़राहम करें और इस नौजवान को किस इल्ज़ाम में गिरफ़्तार किया गया है और किन दफ़आत के तहत इस पर मुक़द्दमा दर्ज किया गया है और किन किन दफ़आत के तहत ये जुर्म क़रार दिया गया है ।

इन तमाम की तफ़सीलात वेबसाईट पर आम करें ताकि दुबारा इस मुस्लिम नौजवान को किसी और मुक़द्दमा पुलिस तास्सुब की वजह से ना फांस सके और पुलिस को ये मौक़ा फ़राहम ना किया जा सके कि वो मुस्लिम नौजवानों की ज़िंदगीयों से खिलवाड़ करसके । उन्हों ने रियास्ती हुकूमत से कहा कि अगर वो वाक़ै मुस्लिम समाज में पाए जाने वाले अदम तहफ़्फ़ुज़ के रुजहान को ख़तम करना चाहती है और हुकूमत के ताल्लुक़ से एतिमाद को बहाल करना चाहती है तो फ़ौरी पुलिस को पाबंद करते हुए अहकामात जारी करे। इस मौक़ा पर दूसरे भी मौजूद थे ।

TOPPOPULARRECENT