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पृथ्वी मिज़ाइल II का कामयाब तजुर्बा

ओडिशा 8जनवरी (सियासत डाट काम )हिन्दुस्तान ने आज देसी साख़ता न्यूक्लीयर सलाहियत के हामिल पृथ्वी। II मिज़ाइल की परवाज़ का कामयाब तजुर्बा किया। ये मिज़ाइल 350 किलोमीटर फ़ासले तक अपने हदफ़ तक वार करसकता है और इस में एक हज़ार किलोग्राम वज़न तक व

ओडिशा 8जनवरी (सियासत डाट काम )हिन्दुस्तान ने आज देसी साख़ता न्यूक्लीयर सलाहियत के हामिल पृथ्वी। II मिज़ाइल की परवाज़ का कामयाब तजुर्बा किया। ये मिज़ाइल 350 किलोमीटर फ़ासले तक अपने हदफ़ तक वार करसकता है और इस में एक हज़ार किलोग्राम वज़न तक वार हैडस मुंतक़िल करने की सलाहियत है। ये आज़माईशी परवाज़ फ़ौज के आज़माईशी प्रोग्राम का एक हिस्सा थी।

नफ़ीस असरी मिज़ाइल की आज़माईश को मुकम्मल तौर पर कामयाब क़रार देते हुए इंटीग्रेटेड टेस्ट रेंज‌ के डायरेक्टर एम वी के वे प्रसाद ने कहा कि ये आज़माईश खासतौर पर मुक़र्ररा दिफ़ाई अफ़्वाज की कमान की जानिब से की गई और इस ने तमाम मयारों की तकमील की। ज़मीन से ज़मीन पर वार करने वाला मिज़ाइल एक मुतहर्रिक लॉंचर से इंटीग्रेटेड टेस्ट रेंज चांदीपुर के क़रीब तक़रीबन 9.48 बजे सुबह दाग़ा गया।

ये मिज़ाइल तैयार किए हुए ज़ख़ीरे में से पसंद से मुताबिक़ मुंतख़ब किया गया था उसकी आज़माईश की तमाम सरगर्मीयों की निगरानी डी आर डी ओ के साईंसदाँ कररहे थे जो तर्बीयती मश्क़ का एक हिस्सा थी। ज़राए के बमूजब मिज़ाइल के रास्ते का पता डी आर डी ओ के राडारस दे रहे थे।

बर्क़ी बस्री रास्ते का पता चलाने वाले निज़ाम और टैली मीट्री स्टेशन अडिशा के साहिल पर क़ायम किए गए थे। बहरी जहाज़ पर टीमें तैनात की गई थी ताकि वो ख़लीज बंगाल में मुक़र्ररा मुक़ाम पर जहां मिज़ाइल टकराने वाला था रद्द-ए-अमल पर नज़र रखें। 2003 में हिन्दुस्तान की मुसल्लह अफ़्वाज में मिज़ाइल पृथ्वी। II शामिल किया गया था।

ये हिन्दुस्तान में तैयार करदा अव्वलीन मिज़ाइल था जिसे डी आर डी ओ ने तैयार किया था और ये अपनी मुस्लिमा टैक्नोलोजी के साथ हिन्दुस्तान के लिए बाइस-ए-फ़ख़र साबित हुआ। उसकी आज़माईश बाक़ायदा तर्बीयती मश्क़ का एक हिस्सा थी जिस पर डी आर डी ओ के साईंसदानों ने नज़र रखी थी एसी तर्बीयती परवाज़ों से वाज़िह तौर पर निशानदेही होती है कि हिन्दुस्तान किसी भी हंगामा हालत का सामना करने के लिए पूरी तरह तैयार हैं।

इससे ये भी साबित होता है कि हिन्दुस्तान के दिफ़ाई हथियारों के ज़ख़ीरे में दूसरों पर धाक बिठाने वाले हथियार भी शामिल हैं। पृथ्वी 500 ता 100 केलो मीटर वज़नी वॉरहैडस मुंतक़िल करने के काबिल हैं। इस के दो इंजन हैं जो स्याल ईंधन के ज़रीया हरकत करते हैं। क़ब्लअज़ीं उस की कामयाब आज़माईश 3 दिसम्बर 2013 को की गई थी।

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