Tuesday , December 12 2017

पेट्रोलीयम मसनूआत पर टैक्सेस ( कर) कम करने पासवान का मुतालिबा

पेट्रोल की क़ीमत में इज़ाफ़ा के ख़िलाफ़ एहतिजाज (वाद विवाद) में शामिल होते हुए लोक जन शक्ति पार्टी के सरबराह (व्यवस्थापक) राम विलास पासवान ने आज तजवीज़ (विचार/ सलाह) पेश की कि कंट्रोल में कमी की जाए और रियास्ती टैक्सेस ( करों) जो पेट्रोलीयम

पेट्रोल की क़ीमत में इज़ाफ़ा के ख़िलाफ़ एहतिजाज (वाद विवाद) में शामिल होते हुए लोक जन शक्ति पार्टी के सरबराह (व्यवस्थापक) राम विलास पासवान ने आज तजवीज़ (विचार/ सलाह) पेश की कि कंट्रोल में कमी की जाए और रियास्ती टैक्सेस ( करों) जो पेट्रोलीयम मसनूआत पर आइद ( लगाना) किए जाते हैं, ज़्यादा सस्ते किए जाएं या फिर मर्कज़ी ( केंद्र) और रियास्ती हुकूमत ( राज्य सरकार) के टैक्सेस (कर) मुकम्मल तौर पर बर्ख़ास्त कर दिए जाएं।

एक प्रेस कान्फ्रेंस से ख़िताब करते हुए राम विलास पासवान ने दावा किया कि मर्कज़ और रियास्ती हुकूमतें ख़ाम ( शुद्व) तेल की जुमला क़ीमत पर 44 फ़ीसद ( प्रतिशत) टैक्स आइद कर रही हैं और इस का बोझ सारिफ़ीन पर क़ीमतों में इज़ाफ़ा की शक्ल में मुंतक़िल (एक जगह से दूसरी जगह भेजना/Transfer)किया जाता है।

उन्होंने कहा कि पेट्रोल की क़ीमत में 44 फ़ीसद (प्रतिशत %) टैक्स (कर)भी शामिल है। ये टैक्सेस या तो बर्ख़ास्त कर दिए जाएं या पेट्रोल की क़ीमत पर क़ाबू पाने के लिए कम कर दिए जाएं। उन्होंने कहा कि एक ऐसी सूरत-ए-हाल में जबकि पेट्रोलीयम मसनूआत बैनुल अक़वामी ( अंतर्राष्ट्रीय/ International) सतह (Level) पर महंगी हो गई हैं, किसी भी हुकूमत के लिए क़ीमत में इज़ाफ़ा के लिए गुरेज़ ( बचाव) नामुमकिन है, लेकिन टैक्सेस (करों) में कमी की जा सकती है।

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