Tuesday , July 17 2018

पेशावाराना कॉलेजस के तलबा तालीमी मुस्तक़बिल के लिए फ़िक्रमंद

तेलंगाना के इंजनीयरिंग, फार्मेसी और दुसरे पेशावराना कॉलेजस के तलबा को हुकूमत की तरफ से फ़ीस बाज़ अदायगी ना किए जाने के सबब मुश्किलात का सामना करना पड़ रहा है।

तेलंगाना के इंजनीयरिंग, फार्मेसी और दुसरे पेशावराना कॉलेजस के तलबा को हुकूमत की तरफ से फ़ीस बाज़ अदायगी ना किए जाने के सबब मुश्किलात का सामना करना पड़ रहा है।

एक तरफ़ कॉलेजस मआशी बोहरान का शिकार हैं तो दूसरी तरफ़ फ़ीस की अदायगी के दबाव‌ के तहत तलबा अपने मुस्तक़बिल के बारे में फ़िक्रमंद हैं।

तलबा और कॉलेजस के अलावा पेशावराना कॉलेजस के मुलाज़िमीन भी तनख़्वाहों की अदमे अदाइगी के सबब दुशवारीयों का सामना कर रहे हैं। बताया जाता हैके पिछ्ले दो बरसों से पेशावराना कॉलेजस के तलबा को तालीमी फ़ीस जारी नहीं की गई। अक़लियती पेशावराना कॉलेजस की तादाद तक़रीबन 174 बताई गई है जो इंजनीयरिंग और फार्मेसी कोर्सस से मुताल्लिक़ है।

ताहम हुकूमत ने इन में सिर्फ़ चार कॉलेजस को फ़ीस बाज़ अदायगी स्कीम के तहत शामिल किया है जिस के सबब दुसरे कॉलेजस इस स्कीम के दायरा कार से अमलन बाहर होचुके हैं। बताया जाता हैके ज़्यादा तर कॉलेजस बैंकों से भारी क़र्ज़ हासिल करते हुए इदारे चला रहे हैं और फ़ीस बाज़ अदायगी स्कीम पर अमल आवरी रोक दिए जाने के सबब वो तलबा की फ़ीस अपनी तरफ से अदा करने पर मजबूर हैं।

बेशतर कॉलेजस तलबा पर दबाव‌ बनारहे हैंके वो फ़ीस अदा करें वर्ना हाल टिक्टस रोकने की धमकी दी जा रही है। हाल टिक्टस की अदम इजराई की सूरत में तलबा का तालीमी मुस्तक़बिल ख़तरे में पड़ सकता है।

पिछ्ले दो बरसों से फ़ीस बाज़ अदायगी स्कीम पर अमल आवरी नहीं की गई और जारीया साल हुकूमत ने अभी तक स्कीम के सिलसिले में रहनुमायाना ख़ुतूत जारी नहीं किए। हाल ही में चीफ़ मिनिस्टर ने फ़ीस बाज़ अदायगी के बकाया जात के तौर पर 862 करोड़ रुपये जारी करने का एलान किया था लेकिन बताया जाता हैके अक़लियती कॉलेजस के लिए अभी तक बकायाजात की इजराई के सिलसिले में कोई पेशरफ़त नहीं की गई। 174 पेशावराना कॉलेजस को वैब कौंसलिंग के सिलसिले में सुप्रीम कोर्ट का सहारा लेना पड़।

अगर जारीया साल भी तालीमी फ़ीस अदा नहीं की गई तो अंदेशा हैके हज़ारों अक़लियती तलबा का तालीमी मुस्तक़बिल तारीक होजाएगा और कई कॉलेजस बंद होजाएंगे। अब जबकि जारीया मालीयाती साल का इख़तेताम होने को है लिहाज़ा हुकूमत को चाहीए कि इख़तेताम से क़बल तालीमी फ़ीस के बकायाजात जारी करते हुए कॉलेजस और अक़लियती तलबा का तहफ़्फ़ुज़ करे।

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