Friday , December 15 2017

पैदाईश से पहले मिली बी.एड की डिग्री

क्या 21 साल से पहले या पैदाईश से पहले बी-एड की डिग्री हासिल की जा सकती है? यह भले ही हैरान करने वाला लगता हो, लेकिन बिहार में ऐसे 95 मामले सामने आए हैं |

क्या 21 साल से पहले या पैदाईश से पहले बी-एड की डिग्री हासिल की जा सकती है? यह भले ही हैरान करने वाला लगता हो, लेकिन बिहार में ऐसे 95 मामले सामने आए हैं |

सुप्रीम कोर्ट के 2010 के हुक्म के मुताबिक रियासती हुकूमत ने 2011-12 के बीच 34,450 टीचरों की बहाली की थी | लेकिन उनकी तकर्रुरी के फौरन बाद एजूकेशन डिपार्टमेंट को ऐसे कई शिकायत मिलीं, जिसमें टीचरों ने फर्जी डिग्री लेते हुए तकर्रुरी पाए थें |

एक आफीसर ने बताया कि, “इसे देखते हुए जांच के हुक्म दिए गए और जिसने हमें हैरान कर दिया, इस जांच में पाया गया कि 95 टीचरों ने बी.एड की डिग्री 21 साल पूरे होने से पहले या फिर उनकी पैदाईश लेने से पहले ही पा ली थी |”

मधेपुरा जिले के एक स्कूल में शिवनारायण यादव ने बतौर टीचर तकर्रुरी पाए थें उनकी उम्र की सर्टिफिकेट के मुताबिक उन्होंने बी.एड उनकी पैदाईश के पांच साल पहले ही कर लिया था | मशरिकी चंपारण की एक दूसरी टीचर प्रीति कुमारी ने अपनी पैदाईश से तीन साल पहले ही बी.एड की डिग्री हासिल कर ली थी |

इसी तरह सारण और सहरसा जिले के टीचर इंदु कुमारी और एल.बी.सिंह को भी बी.एड की डिग्री उनकी पैदाईश के सात साल पहले मिल गई थी |

बिहार के Department of Primary Education के ज्वाइंट डायरेक्टर आर.पी.सिंह ने आईएएनएस को बताया कि जिन्होंने फर्जी डिग्री के साथ नौकरी पाई थी, उन्हें निकाल दिया गया |

उन्होंने कहा, “महकमा यह देखकर हैरान रह गया कि उन्होंने टीचर की नौकरी के लिए फर्जी डिग्री का इस्तेमाल किया.”

पिछले महीने बिहार के एजुकेशन मिनिस्टर बृषण पटेल ने कहा था कि तकरीबन 1,000 Contract teachers ने सरकारी स्कूल की नौकरी के लिए फर्जी डिग्री का इस्तेमाल किया है |

रियासत की हुकूमत ने साल 2006 और 2011 के बीच पहली से 12 दर्जे के लिए 1,42,000 टीचरों की बहाली की थी |

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