Sunday , December 17 2017

पैसा लैप्स हो जाना शर्मनाक : अदालत

हाइकोर्ट में मंगल को सैयाहत मंसूबों में करोड़ों की गड़बड़ी को लेकर दायर अवामी याचिका पर सुनवाई हुई। जस्टिस डीएन पटेल और जस्टिस पीपी भट्ट की बेंच ने सुनवाई के दौरान कहा कि डे-टू-डे बेसिस पर मामले की सुनवाई की जायेगी।

हाइकोर्ट में मंगल को सैयाहत मंसूबों में करोड़ों की गड़बड़ी को लेकर दायर अवामी याचिका पर सुनवाई हुई। जस्टिस डीएन पटेल और जस्टिस पीपी भट्ट की बेंच ने सुनवाई के दौरान कहा कि डे-टू-डे बेसिस पर मामले की सुनवाई की जायेगी।

दशम फॉल में मर्द और औरतों के लिए छह-छह बायतुल खुला बनाया जाये। पीने के पानी की काफी निज़ाम के साथ-साथ साइयाहतों के बैठने की भी निज़ाम की जाये। बेंच ने यह भी कहा कि रांची और आसपास के वाटर फॉल जैसे दशम, हुंडरू, हिरणी, सीता, जोन्हा, पंचघाघ के तरक़्क़ी मंसूबों को पेश किया जाये। बेंच ने अफसरों की काम करने के तरीकों पर नाराजगी जताते हुए जुबानी तबसीरह की। कहा कि तरक़्क़ी के लिए आया पैसा लैप्स हो जाना शर्मनाक है।

रियासत के अफसर पैसा खर्च नहीं कर पाते हैं। पैसा लैप्स हो जाता है। तरक़्क़ी उन्हें दिखता तक नहीं है। अफसरों के लेथाजिर्क एप्रोच की वजह से रियासत का तरक़्क़ी नहीं हो पा रहा है। नेतरहाट की हालत ठीक नहीं है। सैयाहत मुकामात के तरक़्क़ी में मुक़ामी लोगों का मदद लिया जाना चाहिए। तरक़्क़ी के लिए मर्कज़ से आया पैसा वापस नहीं होना चाहिए। सैयाहत मुकामों पर साफ पीने का पानी, ठहरने-बैठने, बाइतुल खुला समेत दीगर बुनियादी सहूलत फराहम कराये जाने की जरूरत है।

सुनवाई के दौरान सैयाहत महकमा के अपर चीफ़ सेक्रेटरी सजल चक्रवर्ती, जेटीडीसी डाइरेक्टर सुनील सिंह, और साबिक़ सैयाहत डाइरेक्टर सिद्धार्थ त्रिपाठी अदालत में मौजूद थे। मामले की अगली सुनवाई 27 नवंबर को होगी। ख़्वाह की तरफ से वकील राजीव कुमार ने पैरवी की। गौरतलब है कि ख़्वाह बबलू कुमार ने अवामी दरख्वास्त दायर कर सैयाहत मंसूबों में सौ करोड़ की गड़बड़ी का इल्ज़ाम लगाते हुए सीबीआइ जांच की मांग की है।

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