Friday , September 21 2018

पैसा है तो आप महफ़ूज़ हैं- पुलिस वी वी आई पीज की ख़ानगी जागीर : साबिक़ फ़ौजी सरबराह

नई दिल्ली ।1

नई दिल्ली ।1
डसमबर ( पी टी आई) साबिक़ फ़ौजी सरबराह जनरल वी के सिंह ने आज एक अहम बयान देते हुए कहा कि मुलक के सदर मुक़ाम में एक लड़की की इजतिमाई इस्मत रेज़ि दरअसल कमज़ोर हुक्मरानी की अलामत है । उन्हों ने कहा कि मुलक की पुलिस सिर्फ़ अहम शख़्सियतों के तहफ़्फ़ुज़ की सैक्योरिटी एजैंसी बिन चुकी है । उन्हों ने कहा कि पुलिस कितनी अहलीयत की हामिल है और उसकी कारकर्दगी किया है इस का पर्दा तो इस्मत रेज़ि के वाक़िया के बाद फ़ाश होगया । पुलिस का रवैय्या बिलकुल नामर्दों जैसा होता जा रहा है जिस से बस में सवार लड़की की ही इज़्ज़त-ओ-नामूस नहीं बल्कि मुलक के दीगर अवाम भी इस ज़द में हैं । ये एक ऐसा वाक़िया है जिन से दुनिया भर की तवज्जा अपनी जानिब मबज़ूल करली है और पूरी दुनिया में हिंदूस्तान की थू थू होरही है।

क्या महिकमा पुलिस सिर्फ़ अहम शख़्सियतों की जागीर बिन कर रह गया है । मिस्टर सिंह ने कहा कि उन्हें बार बार इस मुतास्सिरा लड़की का ख़्याल आता है भगवान उस को जल्द सहतयाब करे और इस के अरकान ख़ानदान को इस दुख को झेलने की ताक़त दे । उन्हों ने जसीकालाल क़तल केस का भी तज़किरा किया जिसे कुछ अर्सा गुज़र जाने के बाद फ़रामोश कर दिया गया । उन्हों ने कहा कि जसीका लाल पर फ़िल्म बनाकर ख़िराज-ए-अक़ीदत पेश करने का तरीक़ा उन्हें समझ में नहीं आया ये तो अच्छा हुआ कि जसीका लाल के अरकान ख़ानदान ने जान तोड़ कोशिश करते हुए क़ातिल को सज़ा दिलवाई वर्ना वही क़ातिल क़ानून का मज़ाक़ उड़ाते हुए एक बार फिर क़तल-ओ-ग़ारतगरी में मसरूफ़ होजाता लेकिन अब इजतिमाई इस्मत रेज़ि के वाक़िया ने अवाम की रूह को झिंझोड़ दिया है।

लिहाज़ा अब वक़्त आगया है कि ख़ातियों से निमटने मूसिर क़ानूनी साज़ी की जाये क़बल इस के कि बहुत देर होजाए । महिकमा पुलिस का वजूद ही इस लिए है कि मुलक में ला अंडर आर्डर को क़ायम रखा जाये लेकिन आज सूरत-ए-हाल ये है कि पुलिस वाले सिर्फ़ वे वे आई पेज के शख़्सी मुहाफ़िज़ बिन कर रह गए हैं जैसे मुलक में वे वे आई पेज के इलावा और कोई आबाद नहीं है।

दिल्ली के नाम निहाद वे वे आई पेज और मालदार तबक़ा महिकमा पुलिस को अपनी जागीर समझता है । उन्हों ने कहा कि मुलक के शहरी और साबिक़ फ़ौजी होने के नाते वो ये चाहते हैं कि मुलक में ला ऐंड आर्डर का एक ऐसा मूसिर निज़ाम तैय्यार किया जाये जिस से मुलक के नौजवानों कुमलक में अपना बेहतर मुस्तक़बिल नज़र आए । पुलिस और सैक्योरिटी एजैंसीयों को अपना काम करने की इजाज़त दी जाये । आज हमारे मुलक में ये पैग़ाम आम होचुका है कि अगर कोई एहमीयत की चीज़ है तो वो पैसा है चाहे आप के पास वो जायज़ तरीक़ा से आया हो या नाजायज़ तरीक़ा से । आप कप के पास पैसा है तो आई महफ़ूज़ हैं नहीं है तो समझ लीजिए आप गए काम से !।
पाकिस्तानी शहरी बम धमाका मुक़द्दमा में बरी

TOPPOPULARRECENT