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पैग़ंबर इस्लाम ( स०अ०व०) की ख़्याली तसावीर, दर्सी कुतुब (किताब) ज़ब्त करने का मुतालिबा

उत्तर प्रदेश का महकमा बेसिक तालीम एक ऐसा महकमा है जो तक़रीबन हर बरस दर्सी कुतुब की किसी ना किसी किताब में कुछ ऐसी तब्दीली करता है जिस की कुर्द मुस्लमानों, शरीयत इस्लामी पर पड़ता है।

उत्तर प्रदेश का महकमा बेसिक तालीम एक ऐसा महकमा है जो तक़रीबन हर बरस दर्सी कुतुब की किसी ना किसी किताब में कुछ ऐसी तब्दीली करता है जिस की कुर्द मुस्लमानों, शरीयत इस्लामी पर पड़ता है।

हुकूमत कोई हो महकमा तालीम इन हरकतों से बाज़ नहीं आता है। हर मर्तबा मुस्लमानों को एहतिजाज का रास्ता इख्तेयार करना पड़ता है। अब की मर्तबा महकमा बेसिक तालीम की सातवीं दर्जा की एक दर्सी किताब जीवन दर्शन में एक ऐसा बाब शामिल की आ गया है जिस में पैग़ंबर इस्लाम हज़रत मुहम्मद (स०अ०व०) की एक ख़्याली तस्वीर शाय की है।

ये तस्वीर हुज़ूर ( स०अ०व०) पर मदीना शरीफ़ में एक बुढिया हुज़ूर ( स०अ०व०) जब इधर गुज़रते थे तब उन पर कूड़ा फेंकती थी जीवन दर्शन नामी किताब का एक बाब सहन शैलना का गुण है जिस में पैग़ंबर इस्लाम (स०अ०व०) की ख़्याली तस्वीर दुशाला ओढ़े एक बुज़ुर्ग की दिखाई गई है।

कूड़ा फेंकने वाली औरत की तस्वीर साड़ी में है। इस बाब में पैग़ंबर इस्लाम (स०अ०व०) की एक दूसरी ख़्याली तस्वीर हुज़ूर ( स्०अ०व्०) की है जिस में आप को एक चबूतरे पर बैठा हुआ दिखाया गया है। ये किताब जब रियासत के एडवोकेट जनरल मिस्टर ज़फ़रयाब जीलानी एडवोकेट के सामने पेश की गई तो उन्होंने इस किताब को ज़ब्त करने के लिए फ़ौरन रियासत के महकमा दाख़िला के एक बड़े ऑफीसर से टेलीफ़ोन पर राबिता किया वो ऑफीसर मिस्टर ज़फ़रयाब जीलानी एडवोकेट के पास आकर ये किताब ले गए।

तादम तहरीर अभी तक हुकूमत ने इस किताब को ज़ब्त नहीं किया जिस से मुस्लमानों में काफ़ी बेचैनी है।

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