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प्याज़ और तरकारीयों की क़ीमत में इज़ाफे से इफ़रात-ए-ज़र 5.79 फ़ीसद

प्याज़ और तरकारीयों की क़ीमत में मुसलसल इज़ाफे से इफ़रात-ए-ज़र गुज़श्ता पाँच माह की बुलंद तरीन सतह यानी 5.79 फ़ीसद होगया। हालाँकि हुकूमत और आर बी आई रुपये की क़दर में इस्तिहकाम पैदा करने की जद्द-ओ-जहद में मसरूफ़ हैं।

प्याज़ और तरकारीयों की क़ीमत में मुसलसल इज़ाफे से इफ़रात-ए-ज़र गुज़श्ता पाँच माह की बुलंद तरीन सतह यानी 5.79 फ़ीसद होगया। हालाँकि हुकूमत और आर बी आई रुपये की क़दर में इस्तिहकाम पैदा करने की जद्द-ओ-जहद में मसरूफ़ हैं।

इफ़रात-ए-ज़र का ताय्युन ठोक क़ीमत के अशारीया पर मबनी होता है। जून में ये 4.86 फ़ीसद था। जुलाई में ये 7.52 फ़ीसद होगया। आर बी आई को इतमीनान था कि इफ़रात-ए-ज़र 4 ता 5 फ़ीसद के दरमियान है। फ़बरोरी 2013 से इफ़रात-ए-ज़र की सतह बुलंद तरीन होगई जबकि ये 7.28 फ़ीसद होगया।

ग़िज़ाई अशीया की क़ीमतों में इज़ाफ़ा जुमला इज़ाफ़ा का 14.34 फ़ीसद होगया जो जून में 9.74 फ़ीसद था। ग़िज़ाई अशीया की क़ीमतों में ….मुसलसल तीसरे महीने भी इज़ाफ़ा जारी है। प्याज़ की क़ीमतें जुलाई में दोगुनी होगईं। जबकि तर्कारीयों की क़ीमत में 46.59 फ़ीसद इज़ाफ़ा हुआ। इन क़ीमतों में जून के महीने में 16.47 फ़ीसद इज़ाफ़ा हुआ था।

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