Sunday , September 23 2018

प्याज़ और ग़िज़ाई अजनास महंगे ,अगस्त में इफ़रात-ए-ज़र 6.1 फ़ीसद हो गया

प्याज़ और दीगर तर्कारीयों की महंगाई में लगातार‌ तीसरे माह भी इज़ाफ़ा होगया है और अगस्त में इफ़रात-ए-ज़र की शरह 6.1 फ़ीसद होचुकी है जिस की वजह से रिज़र्व बैंक आफ़ इंडिया मालीयाती पोलिसी की नज़र-ए-सानी में जो जारीया हफ़्ता के आख़िर में मुक़र्

प्याज़ और दीगर तर्कारीयों की महंगाई में लगातार‌ तीसरे माह भी इज़ाफ़ा होगया है और अगस्त में इफ़रात-ए-ज़र की शरह 6.1 फ़ीसद होचुकी है जिस की वजह से रिज़र्व बैंक आफ़ इंडिया मालीयाती पोलिसी की नज़र-ए-सानी में जो जारीया हफ़्ता के आख़िर में मुक़र्रर है शरहों में तख़फ़ीफ़ मुश्किल होजाएगी।

इफ़रात-ए-ज़र जुलाई में 5.79 और अगस्त 2012 में 8.01 फ़ीसद था। प्याज़ की क़ीमत में बेतहाशा इज़ाफ़ा देखा गया है। गुज़िशता साल की बनिसबत जारीया साल प्याज़ की क़ीमत में 245 फ़ीसद इज़ाफ़ा हुआ। तर्कारीयों की क़ीमत में 77.81 फ़ीसद का इज़ाफ़ा हुआ जिस की वजह से आम आदमी की ज़िंदगी दूभर होगई। दीगर अश्या-ए-ज़रुरीया जैसे चावल ,ग़िज़ाई अजनास ,अंडे ,गोश्त और मछली की क़ीमतों में इज़ाफ़ा देखा गया। इसका मुसबत पहलू भी है वो ये है की आलू की क़ीमतों में 15 फ़ीसद और दालों की क़ीमतों में 14 फ़ीसद कमी आई। ग़िज़ाई अजनास की क़ीमतों में 18.08 फ़ीसद इज़ाफ़ा हुआ।

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