Monday , June 25 2018

प्रज्ञा ठाकुर की जमानत पर एनआईए को आपत्ति नहीं

मुंबई: 2008 मालेगांव बम धमाकों की जांच करने वाली राष्ट्रीय जांच एजेंसी ने आज बंबई उच्च न्यायालय से कहा कि अगर अदालत आरोपी साध्वी प्रज्ञा सिंह ठाकुर को जमानत देती है तो उसे कोई आपत्ति नहीं है। एडिशनल सॉलिसिटर जनरल अनिल सिंह ने एनआईए की पैरवी करते हुए कहा कि एजेंसी ने पहले ही स्पष्ट कर दिया है कि प्रज्ञा के खिलाफ एनकाउंटर संगठित अपराध कानून महाराष्ट्र (मकोका) के प्रावधानों को लागू नहीं होते।

न्यायमूर्ति आर वी मोरे और न्यायमूर्ति शालीनी फनसालकर जोशी के नेतृत्व वाली एक बेंच पर प्रज्ञा ठाकुर की अपील की सुनवाई की जा रही थी जिसमें आरोपी ने सेशन अदालत के हुकुमनामह को चुनौती दी है जिसमें अदालत ने उसकी जमानत को खारिज कर दिया था। पिछले खोजी या लैंगिक महाराष्ट्र एटीएस ने आरोपी पर मकोका के दफात‌ लगाए थे और कहा था कि ये लोग विस्फोट में शामिल हैं और यह संगठित अपराध गिरोह का हिस्सा हैं।

हालांकि एनआईए ने बाद में जांच करते हुए बताया कि आरोपी केवल मालेगांव विस्फोट में शामिल हैं और उन पर मकोका की सूचना नहीं होती। एनआईए की ओर से मामले में जांच शुरू होने से पहले ही कई महत्वपूर्ण गवाह इस मामले में अपने बयान से भटक गए थे।

TOPPOPULARRECENT