Wednesday , December 13 2017

प्रधानमंत्री न ख़ुद काम करेंगे और ना ही किसी दूसरे को ही करने देंगे : केजरीवाल

दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविन्द केजरीवाल का कहना है कि ‘प्रधानमंत्री न ख़ुद काम करेंगे और ना ही किसी दूसरे को ही करने देंगे.” उनका ये बयान तब आया जब राष्ट्रपति प्रणब मुखर्जी ने दिल्ली सरकार द्वारा नियुक्त किये गए 21 संसदीय सचिवों के पद को ‘लाभ के पद’ के दायरे से बाहर रखने से संबंधित विधेयक को नामंज़ूर कर दिया. अब राष्ट्रपति की नामंजूरी के बाद 21 विधायकों की सदस्यता पर ही संशय बना हुआ है. अगर सदस्यता जाती है दिल्ली में इन सीटों पर उपचुनाव होगा.
एक एजेंसी को दिए गए साक्षात्कार में केजरीवाल ने कहा ‘इन विधायकों को अगर डिस्क्वालीफाई कर घर में बैठा देंगे तो इससे मोदीजी को क्या मिलेगा?

केजरीवाल आगे कहते हैं कि ‘मोदी जी सोनिया गांधी पर आरोप लगाते हैं कि वो संसद नहीं चलने दे रही हैं क्योंकि, उनको हार नहीं पच रही है. मैं मोदी जी से कहना चाहता हूँ कि आप दिल्ली सरकार को काम करने नहीं दे रहे हैं, आपको दिल्ली की हार नहीं पच रही है.’
इससे पहले दिल्ली की सरकार ने पिछले साल 13 मार्च को 21 विधायकों को संसदीय सचिव नियुक्त किया था. वहीं अरविंद केजरीवाल ने अपने ट्विटर हैंडल के ज़रिये अपनी नाराज़़गी तो जताई ही साथ ही एक टीवी साक्षात्कार में उन्होंने चुनौती देते हुए कहा कि ‘सिर्फ दिल्ली ही क्यों, लगभग हर राज्य में संसदीय सचिव नियुक्त किये गए हैं, उन्हें भी हटाना चाहिए.’

वो आगे कहते हैं: “हरियाणा में संसदीय सचिव हैं. नगालैंड में तो 24 हैं जबकि हिमाचल में 6, राजस्थान में 5, पंजाब में 24, गुजरात में 4, बंगाल और पुडुचेरी में भी हैं. पंजाब में तो एक एक संसदीय सचिव को एक लाख रूपए तनख्वाह मिलती है, गाड़ी मिलती है और बँगला भी मिलता है.”
दिल्ली के मुख्यमंत्री केजरीवाल कहते हैं कि नरेंद्र मोदी को कांग्रेस से नहीं बल्कि आम आदमी पार्टी से ‘डर’ लगता है. वो कहते हैं कि दिल्ली सरकार अपने संसदीय सचिवों को एक पैसा भी नहीं देती है मगर फिर भी वो रात दिन काम करते रहते हैं.

TOPPOPULARRECENT