प्रधानमंत्री मोदी ने जी-20 में चीन-पाकिस्तान आर्थिक गलियारे का मुद्दा उठाया

प्रधानमंत्री मोदी ने जी-20 में चीन-पाकिस्तान आर्थिक गलियारे का मुद्दा उठाया
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जी-20 देशों का आर्थिक सम्मेलन चीन के हांग जू शहर में इतवार को शुरू हुआ। जी-20 सम्मेलन से पहले शी जिनपिंग के साथ द्विपक्षीय वार्ता में नरेंद्र मोदी ने 46 अरब डॉलर की लागत वाले चीन-पाकिस्तान आर्थिक गलियारे पर भारत की चिंता व्यक्त की। यह आर्थिक गलियारा पाकिस्तान नियंत्रित कश्मीर से होकर बनाया जा रहा है। उन्होंने इस मुलाक़ात में कहा कि दोनों देशों को एक-दूसरे के रणनैतिक हितों के प्रति ‘संवेदनशील’ होने की आवश्यकता है।

भारतीय प्रधानमंत्री ने कहा कि आतंकवाद के खिलाफ लड़ाई ‘राजनीतिक कारणों’ से प्रेरित नहीं होनी चाहिए। मोदी ने कहा कि यह बेहद महत्वपूर्ण है कि टिकाऊ द्विपक्षीय संबंध सुनिश्चित करने के लिए हम एक-दूसरे की आकांक्षाओं, चिंताओं एवं रणनीतिक हितों का सम्मान करें। इस मुलाक़ात में शि जिनपिंग ने कहा कि उनका देश भारत के साथ मुश्किल से बनाए गए अच्छे संबंधों को बरकरार रखने के लिए और उनके सहयोग को आगे बढ़ाने के लिए तैयार है।

मालूम हो की वर्ष 1990 के दशक के अंतिम वर्षों में जी-20 का गठन हुआ था और इसमें विश्व की बड़ी आर्थिक शक्तियों के अलावा आर्थिक जगत में उभरती शक्तियां भी शामिल हैं। यह गुट विकास की नीतियों और वित्तीय संकट से निपटने जैसे महत्व महत्वपूर्ण मामलों के बारे में वार्ता करता है परंतु चीन और अमेरिका के बीच मतभेद सदैव जी-20 के सम्मेलन पर छाये रहते हैं और अमेरिका इस गुट के सम्मेलन का प्रयोग अपने लक्ष्यों व कार्यक्रमों को आगे बढ़ाने के लिए करता है जिसके कारण यह गुट अब तक अपने लक्ष्यों को प्राप्त करने में पूरी तरह सफल नहीं हो पाया है।

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