Wednesday , January 24 2018

प्राइवेट स्कूली बस-ऑटो की आज हड़ताल

पीर को प्राइवेट स्कूल बस ऑपरेटरों और ऑटो ड्राइवरों की हड़ताल ने वालेदाईन मुसीबत में डाल दी है। दारुल हुकूमत के मिशनरी स्कूलों में चलनेवाले तकरीबन 700 स्कूली बसों और इतने ही ऑटो बंद रहने से तकरीबन 50 हजार बच्चे स्कूल नहीं पहुंच पायें

पीर को प्राइवेट स्कूल बस ऑपरेटरों और ऑटो ड्राइवरों की हड़ताल ने वालेदाईन मुसीबत में डाल दी है। दारुल हुकूमत के मिशनरी स्कूलों में चलनेवाले तकरीबन 700 स्कूली बसों और इतने ही ऑटो बंद रहने से तकरीबन 50 हजार बच्चे स्कूल नहीं पहुंच पायेंगे।

हालांकि, वैसे स्कूलों पर, जिनकी अपनी बसें चलती हैं, हड़ताल से मुतासीर नहीं होगा। रियासत के स्कूल बस ऑपरेटरों की तजवीज इशारे को हड़ताल को स्कूली ऑटो ड्राइवरों का भी हिमायत मिल गया है। इतवार को गांधी मैदान में ऑटो मेंस यूनियन की बैठक में स्कूली ऑटो का चलना बंद रखने का फैसला लिया गया। प्राइवेट स्कूली बस ऑपरेटरों के मुताबिक शहर में उनकी करीब 700 बसें चलती हैं।

रोज लगभग 35 हजार बच्चों को स्कूल पहुंचाया जाता है। उधर, ऑटो ड्राइवरों ने कहा कि 700 स्कूली ऑटो चलते हैं। इन ऑटो में 12 से 15 हजार बच्चे हर दिन सफर करते हैं। प्राइवेट स्कूल एंड चिल्ड्रेन वेलफेयर एसोसिएशन ने हड़ताल के लिए इंतेजामिया को जिम्मेदार ठहराया है।

एसोसिएशन के सदर ई शमायल अहमद ने कहा कि इंतेजामिया को कार्रवाई से पहले स्कूल इंतेजामिया और प्राइवेट बस ऑपरेटरों के साथ बातचीत करनी चाहिए थी। तहरीरी वार्निंग देने के बाद कार्रवाई होती, तो बेहतर होता। हड़ताल से बच्चों की पढ़ाई मुतासीर होगी। उन्होंने कहा कि पीर को कोई स्कूल बंद नहीं रहेगा।

मजबूरी में लिया फैसला

रियासत के प्राइवेट स्कूली बस ऑपरेटर यूनियन के सदर रवींद्र सिंह ने कहा कि मजबूरी में पीर को हड़ताल का फैसला लेना पड़ा। स्कूल इंतेजामिया के साथ ही जिला इंतेजामीया को भी इसकी जानकारी दे दी गयी है। ओवरलोडिंग के नाम पर स्कूली बसों की हुई जब्ती के बाद हम स्कूल इंतेजामिया को ओपशनल इंतेजाम कराने की हालत में नहीं हैं। इंतेजामिया सिर्फ प्राइवेट बस पर ही जेहन देता है, जबकि स्कूल की अपनी बसों की खराब हालत या ओवरलोडिंग पर उनका जेहन नहीं जाता।

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