Saturday , December 16 2017

प्राइवेट स्कूलों की दुकानदारी पर रोक लगाएं डीसी : रघुवर दास

वजीरे आला रघुवर दास ने कहा कि आजादी के बाद तालीम को उतनी तरजीह नहीं मिली, जितनी मिलनी चाहिए थी। मरकज़ और रियासती हुकूमत ने इस पर तवज्जो नहीं दिया। लीडरान ने इस पर इसलिए तवज्जो नहीं दिया कि अगर तमाम लोग तालीम याफ़्ता हो जाएंगे तो उनकी

वजीरे आला रघुवर दास ने कहा कि आजादी के बाद तालीम को उतनी तरजीह नहीं मिली, जितनी मिलनी चाहिए थी। मरकज़ और रियासती हुकूमत ने इस पर तवज्जो नहीं दिया। लीडरान ने इस पर इसलिए तवज्जो नहीं दिया कि अगर तमाम लोग तालीम याफ़्ता हो जाएंगे तो उनकी नेतागीरी नहीं चलेगी। इससे तालीम और सेहत का बाजारीकर हो गया। लेकिन अब झारखंड में ऐसा नहीं होगा।

तमाम जिलों के डीसी प्राइवेट स्कूलों की दुकानदारी पर रोक लगाएं। कोई भी प्राइवेट स्कूल हर साल री-एडमिशन और डेवलोपमेंट फीश के नाम पर फीस नहीं ले सकता। वजीरे आला जुमा को एटीआई एडोटोरियम में इंसानी वसायल तरक़्क़ी महकमा की नई पहल ‘स्कूल चलें, मुहिम 2015’ के आगाज के मौके पर बोल रहे थे।

उन्होंने कहा कि तालीम के शोबे में मुल्क भर में केरल का नाम नंबर-वन पर आता है। आने वाले वक़्त में हम सब मिलकर झारखंड को ऐसा बनाएंगे कि केरल के बाद लोग अपने रियासत का नाम लें। उन्होंने कहा कि जब तक बच्चों को सरकारी स्कूलों में क्वालिटी तालीम नहीं मिलेगी, प्राइवेट स्कूल इसी तरह मनमानी करते रहेंगे। वजीरे आला ने कहा कि रियासत के 3.22 लाख बच्चे स्कूलों से बाहर हैं। उन्हें जोड़ा जाएगा।

TOPPOPULARRECENT