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प्राइवेट स्कूलों पर कार्रवाई की प्रोसिडिंग बदल गई, मामला फिर वहीं पहुंचा

प्राइवेट स्कूलों की लॉबी इतनी पावरफुल है कि इंतेजामिया की तरफ से की जाने वाली कार्रवाई की प्रोसिडिंग ही बदल दी गई है। नौ अप्रैल को डीसी की सदारत में हुई बैठक में कई नुक्तों पर हिदायत जारी किया गया था। उसी दिन मीडिया को भी हिदायत से

प्राइवेट स्कूलों की लॉबी इतनी पावरफुल है कि इंतेजामिया की तरफ से की जाने वाली कार्रवाई की प्रोसिडिंग ही बदल दी गई है। नौ अप्रैल को डीसी की सदारत में हुई बैठक में कई नुक्तों पर हिदायत जारी किया गया था। उसी दिन मीडिया को भी हिदायत से मुतालिक तफ़सीलात भी भेज दिया गया था। प्राइवेट स्कूलों को जारी हिदायत में छठे प्वांइट में कहा गया था कि तालिबे इल्म के मुफाद में बिना कोई तरक़्क़ी काम किए डेवलपमेंट फी के नाम पर किसी क़िस्म की रकम नहीं ली जाए।

जब हिदायत की कॉपी स्कूलों तक पहुंचीं तो छठे नंबर का हिदायत ही पूरी तरह से बदला हुआ पाया गया। इसमें कहा गया है कि दूसरी क्लास में जाने वाले तालिबे इल्म से री-एडमिशन फी न ली जाए। इस बदलाव की वजह प्राइवेट स्कूलों को बड़ी राहत मिल गई है। जो मुद्दे मीडिया में सुर्खियों में हैं और जिसे लेकर गार्जियन तहरीक की सिम्त में बढ़ चुके हैं, हिदायत में इस बदलाव की वजह पहले की हालत बन गयी है।

प्रशासन ने मांगा तीन साल का लेखा-जोखा

नई कार्रवाई रिपोर्ट में डीसी के हुक्म के मुताबिक प्राइवेट स्कूलों से गार्जियन की शिकायत पर गुजिशता तीन सालों का फीश तक़सीम दस्तयाब कराने की हिदायत नोडल अफसर जयंत कुमार मिश्र की तरफ से दिया गया है। इसमें कहा गया है कि इसकी जायजा लेने के लिए डीएसई डीसी को रिपोर्ट देंगे। किसी स्कूल की तरफ से मुकर्रर सालाना फीश की इजाफा की ज़्यादा से ज़्यादा मुद्दत से ज़्यादा फीश लिया गया होगा, तो उस पर फैसला लेकर जरूरी कार्रवाई की जाएगी।

इस बदले हिदायत के पीछे का खेल

स्कूलों में री-एडमिशन के नाम पर फीश नहीं लिया जाता। सभी एनुअल या डेवलपमेंट फी लेते हैं। हिदायत बदल देेने से इंतेजामिया की तरफ से की गई कार्रवाई भी पूरी हो गई, वहीं स्कूलों के उस हक़ को मजबूत कर दिया गया कि वे री-एडमिशन फी नहीं लेते हैं।

पहले ना, फिर हां

15 अप्रैल तक डीसी यह कहते रहे कि उन्होंने अब तक कार्रवाई रिपोर्ट पर दस्तखत नहीं किए हैं। इसके बाद स्कूलों को जो हुक्म की कॉपी भेजी जाती हैं, उनमें नौ अप्रैल (बैठक के दिन) को किया गया दस्त्खत दर्ज है।

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