प्रिंस सलमान की विदाई लगभग तय, एक गलती से राजनीतिक सफर खत्म!

प्रिंस सलमान की विदाई लगभग तय, एक गलती से राजनीतिक सफर खत्म!
Saudi Crown Prince Mohammed bin Salman meets with Defense Secretary Jim Mattis at the Pentagon in Washington, Thursday, March 22, 2018. (AP Photo/Cliff Owen)

प्रभावशाली अमरीकी सेनेटर लिंडसे ग्राहम वरिष्ठ पत्रकार जमाल ख़ाशुक़जी की हत्या का मुद्दा एक बार फिर गर्म कर दिया है। तुर्की की राजधानी अंकारा में पत्रकार सम्मेलन में ग्राहम ने इस मुद्दे को उठाया और पत्रकार की हत्या के लिए सऊदी क्राउन प्रिंस मुहम्मद बिन सलमान को ज़िम्मेदार ठहराते हुए ज़ोर दिया कि बिन सलमान को डील करने के लिए वाशिंग्टन को कोई न कोई रास्ता निकालना होगा। ग्राहम सऊदी अरब पर प्रतिबंध लगाने की ओर इशारा कर रहे थे।

सेनेटर ग्राहम का महत्व इसलिए भी ज़्यादा है कि वह राष्ट्रपति डोनल्ड ट्रम्प के क़रीबियों में समझे जाते हैं। उन्होंने ट्रम्प का हमेशा समर्थन किया मगर एक महीना पहला सेनेट ने जो प्रस्ताव पारित किया उसमें ग्राहम की भूमिका बड़ी निर्णायक थी।

इस प्रस्ताव में बिन सलमान की निंदा की गई और उन्हें जमाल ख़ाशुक़जी की हत्या का का ज़िम्मेदार ठहराया गया। ग्राहम ने उस प्रस्ताव के लिए भी भूमिका तैयार की जो सेनेट में 60 सेनेटरों के समर्थन से पारित हुआ।

इस प्रस्ताव में यमन युद्ध में सऊदी अरब के साथ किसी भी प्रकार के सामरिक सहयोग को रोकने की मांग की गई है। अमरीकी सांसद एक और बिल भी तैयार कर रहे हैं जिसमें यह कहा गया है कि जमाल ख़ाशुक़जी की बर्बर हत्या के जवाब में सऊदी अरब को अमरीका से हथियारों की सप्लाई और सुरक्षा सेवाओं को तत्काल रोका जाए।

यह बात भी महत्वपूर्ण थी कि लिंडसे ग्राहम ने यह बयान तुर्की की राजधानी अंकारा की यात्रा पर दिया। इस बात की भी पूरी संभावना है कि तुर्क अधिकारियों ने उनके सामने ख़ाशुक़जी हत्याकांड से जुड़े कुछ अन्य साक्ष्य भी पेश किए हों बल्कि शायद तसवीरें और वीडियो क्लिप भी दिखाई हो। तुर्क अधिकारियों के बारे में यह बात पूरी तरह साफ़ है कि उन्हें सऊदी अधिकारियों से कोई भी हमदर्दी नहीं है।

लिंडसे ग्राहम ने सबसे बड़ी बात यह कही कि उन्हें इस बात पर शर्म आती है कि शुरू में उन्होंने क्राउन प्रिंस का बढ़ चढ़ कर समर्थन किया था। उन्होंने कहा कि आने वाले दिनों में कुछ सेनेटर भी कठोर बयान जारी करेंगे जिनमें स्पष्ट रूप से कहा जाएगा कि मुहम्मद बिन सलमान को हत्या कांड की पूरी जानकारी थी, वही उसके ज़िम्मेदार हैं और ज़रूरत कुछ प्रतिबंध लगाए जाएंगे।

अमरीकी सेनेटर ने प्रतिबंधों के बारे में नहीं बताया कि वह किस प्रकार के होंगे लेकिन इशारा किया कि प्रतिबंधों की शुरुआत उन लोगों से होगी जो इस हत्या कांड में प्रत्यक्ष रूप से लिप्त हैं। उन्होंने यह संकेत भी कर दिया कि इन लोगों में राजकुमार बिन सलमान भी शामिल हैं।

ग्राहम ने अप्रत्यक्ष रूप से यह मांग भी कर ही दी कि बिन सलमान को क्राउन प्रिंस का पद छोड़ देना चाहिए। उन्होंने कहा कि मैं इस नतीजे पर पहुंचा हूं कि सऊदी अरब और अमरीका के संबंध उस समय तक आगे नहीं बढ़ पाएंगे जब तक मुहम्मद बिन सलमान का मामला हल नहीं कर लिया जाता।

यहां यह सवाल उठता है कि क्या ग्राहम और उनके अन्य साथी प्रतिबंध लगाने में सक्षम हैं, क्या वह ट्रम्प को इसके लिए तैयार कर ले जाएंगे? दूसरा सवाल यह है कि इन धमकियों पर सऊदी क्राउन प्रिंस की क्या प्रतिक्रिया होगी? क्या वह पद छोड़ने की मांग स्वीकार करेंगे?

हमें इस बात की संभावना तो नज़र आती है कि यदि बिन सलमान का मामला हल न हुआ यानी यदि उन्होंने पद न छोड़ा तो ग्राहम और अन्य सेनेटर राष्ट्रपति ट्रम्प पर दबाव डाल कर सऊदी अरब पर प्रतिबंध लगवा ले जाएंगे क्योंकि जैसे जैसे रूस से ट्रम्प के संबंधों के बारे में राबर्ट मुलेर की जांच रिपोर्ट पेश करने का समय क़रीब आ रहा है ट्रम्प की स्थिति बहुत कमज़ोर होती जा रही है और वह इस हालत में सेनेट को नाराज़ नहीं करना चाहेंगे।

राजकुमार मुहम्मद बिन सलमान इस समय सऊदी अरब पर राज कर रहे हैं, सारे मामले उन्हीं के हाथ में हैं और उनके हाथ में सभी महत्वपूर्ण क्षेत्रों की कुंजी है। उनके क़रीबियों का कहना है कि वह सत्ता में बने रहने के लिए आख़िरी सांस तक लड़ेंगे।

आने वाले दिन सऊदी अरब के लिए बहुत कठिन होंगे, विशेष रूप से बिन सलमान को बहुत कड़ी परिस्थितियों का सामना होगा। सेनेटर ग्राहम जब इस अंदाज़ से बयान दे रहे हैं और तुर्की में यह बात कह रहे हैं तो इसका मतलब है कि वह बहुत सी चीज़ें एसी जानते हैं जो रियाज़ के भीतर और बाहर मौजूद बहुत से लोगों को नहीं पता है।

साभार- ‘parstoday.com’

Top Stories