प्रियंका ने इस चुनाव को एक और स्वतंत्रता संग्राम के रूप में लेने का आग्रह की

प्रियंका ने इस चुनाव को एक और स्वतंत्रता संग्राम के रूप में लेने का आग्रह की

गांधीनगर : कांग्रेस महासचिव प्रियंका गांधी ने मंगलवार को लोगों से लोकसभा चुनावों को ‘एक और स्वतंत्रता संग्राम’ के रूप में लेने का आग्रह किया और कहा कि वे फिजूल के मुद्दों में फंसने के बजाय उन वास्तविक मुद्दों को उठाएं जिनका वे सामना कर रहे हैं। प्रियंका गांधी ने गांधीनगर की जनसभा में अपने साढ़े सात मिनट के भाषण में मौजूदा सरकार पर करारा हमला बोला और कार्यकर्ताओं को जीत का मंत्र दिया. प्रियंका ने कहा “आपका सबसे बड़ा हथियार देश जिन स्थितियों का सामना कर रहा है, उनके बारे में वास्तविकताओं के प्रति जागरूक होना है। आपका वोट आपका हथियार है। विचार और विवेक से इसका उपयोग करें। सुनिश्चित करें कि इससे किसी को कोई नुकसान न पहुंचे।”


उन्होंने कहा कि सच्ची देश भक्ति देश की वास्तविक समस्याओं और चुनौतियों के बारे में जागरूक होना है। इंदिरा गांधी के साथ उनकी तुलना करने वाले नारों के बीच उन्होंने यह कहते हुए हिंदी में एक संक्षिप्त भाषण दिया कि यह उनकी गुजरात की पहली यात्रा है। उन्होंने कहा, “जब मैं साबरमती में गांधी आश्रम गई तो मेरी आंख में आंसू आ गए।” उन्होंने कहा कि यह महत्वपूर्ण है कि वास्तविक मुद्दों के बारे में संदेश महात्मा की भूमि से जाना चाहिए।

प्रियंका ने कहा, “इस चुनाव में ऐसे मुद्दे उठाएं जो वास्तविक हैं, न कि फिजूल के और महत्वपूर्ण मुद्दों से ध्यान हटाने वाले। एक सच्चे नागरिक के रूप में यह आपकी जिम्मेदारी है। यह देश किसी और का नहीं, बल्कि आपका है। इसलिए खोखले वादों को परखने के बाद सही निर्णय लें।”


प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के गढ़ में प्रियंका गांधी ने उनपर सीधा वार किया. प्रियंका ने कहा कि जो अपनी फितरत की बात करते हैं जनता के सामने, आप उन्हें बताइए कि इस देश की फितरत क्या है, इस देश की फितरत है कि जर्रे-जर्रे में सच्चाई ढूंढ कर निकाली जाएगी. उन्होंने कहा कि इस देश की फितरत है कि नफरत की हवा को प्रेम में बदला जाए.

उन्होंने कहा, “दो करोड़ नौकरियां कहां हैं? आपके खाते में 15 लाख रुपये कहां हैं? महिला सुरक्षा कहां है? इस बारे में सोचिए, ये सवाल पूछिए।” प्रियंका गांधी ने कहा कि असली भारत हर जगह नफरत फैलाने वाला नहीं है। उन्होंने कहा, “भारत का वास्तविक स्वरूप सभी के प्रति प्रेम और करुणा है, नफरत नहीं। यह इस देश की फितरत है जिसे नष्ट किया जा रहा है।”

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