प्रोफ़ेसर एस ए शकूर डायरेक्टर सेक्रेट्री उर्दू एकेडेमी मोक़र्रर

प्रोफ़ेसर एस ए शकूर डायरेक्टर सेक्रेट्री  उर्दू एकेडेमी मोक़र्रर

आन्ध्र प्रदेश रियास्ती वज़ीर-ए-अकलियती बहबूद ने आज जी ओ आर टी नंबर 122 जारी करते हुए प्रोफ़ेसर एस ए शकूर डायरेक्टर सी ई डी ऐम को आन्ध्र प्रदेश रियास्ती उर्दू एकेडेमी की इज़ाफ़ी ज़िम्मेदारी तफ़वीज़ करने के अहकाम जारी किए हैं । प्र

आन्ध्र प्रदेश रियास्ती वज़ीर-ए-अकलियती बहबूद ने आज जी ओ आर टी नंबर 122 जारी करते हुए प्रोफ़ेसर एस ए शकूर डायरेक्टर सी ई डी ऐम को आन्ध्र प्रदेश रियास्ती उर्दू एकेडेमी की इज़ाफ़ी ज़िम्मेदारी तफ़वीज़ करने के अहकाम जारी किए हैं । प्रोफ़ेसर एस ए शकूर जो कि ऐगज़ीक्यूटिव ऑफीसर हज कमेटी की ज़ाइद ज़िम्मेदारीयां निभा रहे थे की जगह पर जनाब अबदुल हमीद डिप्टी कलेक्टर को ज़िम्मेदारी दीए जाने के अहकाम दीए गए हैं । डायरेक्टर सेक्रेट्री उर्दू एकेडेमी जनाब मुहम्मद रज़ीउद्दीन शाकिर की ख़िदमात उन के महकमा को वापिस कर दी गई है । जनाब मुहम्मद शाकिर की जगह पर प्रोफ़ेसर एस ए शकूर डायरेक्टर सेक्रेट्री उर्दू एकेडेमी होंगे ।

आन्ध्र प्रदेश रियास्ती उर्दू एकेडेमी में 90 के दहे के बाद डायरेक्टर सेक्रेट्री के ओहदे पर उर्दू से ताल्लुक़ रखने वाले ओहदेदार को नामज़द किया गया है जिस से उर्दू एकेडेमी की कारकर्दगी में नुमायां बेहतरी पैदा होने की क़ुवी तवक़्क़ो है । 90 के दहे में इस बावक़ार ओहदे पर जनाब अबदुल मनान और जनाब मसऊद बिन सालिम मरहूम , जैसे माहिरीन तालीम और अदबी दुनिया से ताल्लुक़ रखने वाली शख़्सियतों ने ख़िदमात अंजाम दी । बादअज़ां इस ओहदे पर सरकारी ओहदेदार कैडर के एतबार से तक़र्रुर किए जाने लगे लेकिन गुज़शता चंद माह से उर्दू एकेडेमी की कारकर्दगी पर उठ रहे सवालों को मद्द-ए-नज़र रखते हुए हुकूमत ने प्रोफ़ेसर एस ए शकूर को डायरेक्टर सेक्रेट्री उर्दू एकेडेमी के ओहदे की ज़ाइद ज़िम्मेदारीयां तफ़वीज़ की है जिस से ऐसा महसूस होता है कि उर्दू एकेडेमी में एक मर्तबा फिर अदबी-ओ-सक़ाफ़्ती सरगर्मीयों के इलावा उर्दू के फ़रोग़ के लिए इक़दामात का आग़ाज़ होगा।

प्रोफ़ेसर एस ए शकूर का ताल्लुक़ उर्दू दुनिया से ही है इसी लिए वो उर्दू की तरक़्क़ी-ओ-तरवीज के इलावा रियासत में उर्दू के मुस्तक़बिल को बेहतर बनाने में मुआविन साबित हो सकते हैं । उर्दू एकेडेमी डायरेक्टर सेक्रेट्री के ओहदे पर प्रोफ़ेसर एस ए शकूर के तक़र्रुर से अदबी हलक़ोंमें एक मर्तबा फिर उम्मीद की किरण जाग उठी है कि अदबी दुनिया से ताल्लुक़ रखने वाली शख़्सियत को उर्दू एकेडेमी की ज़िम्मेदारी तफ़वीज़ किए जाने से उर्दू का मुस्तक़बिल बेहतर होगा और उर्दू एकेडेमी की कारकर्दगी में नुमायां बेहतरी पैदा होगी ।

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