‘प्लीज, मुल्क के लिए सालभर तक सोना मत खरीदिए’

‘प्लीज, मुल्क के लिए सालभर तक सोना मत खरीदिए’
नई दिल्‍ली, 13 जून: हमारे-आपके सोना खरीदने से मुल्क के फायनेंस मिनिस्टर पी चिदंबरम नाराज हैं। वह बार-बार इसरार कर रहे हैं कि आप सोना मत खरीदिए। जुमेरात के दिन भी कुछ ऐसा ही हुआ। पी चिदंबरम ने एक बार फिर आवाम से सोना न खरीदने की अपील क

नई दिल्‍ली, 13 जून: हमारे-आपके सोना खरीदने से मुल्क के फायनेंस मिनिस्टर पी चिदंबरम नाराज हैं। वह बार-बार इसरार कर रहे हैं कि आप सोना मत खरीदिए। जुमेरात के दिन भी कुछ ऐसा ही हुआ। पी चिदंबरम ने एक बार फिर आवाम से सोना न खरीदने की अपील की।

वह एक प्रेस कांफ्रेंस में मईशत ( Economy) को पटरी पर लाने के लिए हुकूमत की ओर से उठाए गए कदमों का ब्योरा दे रहे थे। इसमें उन्होंने यह भी कहा कि इक्तेसादी बेहतरी वनडे मैच नहीं है, इसलिए संयम बरतना होगा।

उन्होंने कहा, ‘अगर हम छह महीने या साल भर तक मुल्क में कम से कम सोना इम्पोर्ट करेंगे, तो इससे चालू खाता घाटा (सीएडी) की हालात में बदलाव आएगा। इससे इकनॉमी, स्टॉक मार्केट, एक्सचेंज रेट और ब्याज दरों पर मुसबत ( Positive) असर पड़ेगा।’

जानकार भी इस बात से इत्तफाक रखते हैं कि गोल्ड इम्पोर्ट पर नकेल कसकर ही सीएडी कम किया जा सकता है। अमर उजाला के बिजनेस एडिटर हरवीर सिंह का कहना है कि सरकार सोने के इम्पोर्ट में कमी लाना चाहती है, जिसके दो वजह हैं।

पहला, सोना एक अनप्रोडक्टिव एसेट है और इसमें जाना वाला सरमायाकारी बेकार पड़ा रहता है। दूसरा, इसकी वजह से चालू खाता घाटा लगातार बढ़ रहा है।

उन्होंने कहा, ‘हम जितना एक्सपोर्ट करते हैं, उससे कहीं ज्यादा इम्पोर्ट कर रहे हैं और इसकी सबसे बड़ी वजह सोने का दरआमद ( Import) है।’

क्या हुकूमत को सीएडी को काबू करने के लिए इम्पोर्ट घटाने के बजाय एक्स्पोर्ट बढ़ाने के बारे में नहीं सोचना चाहिए, इस पर सिंह ने कहा, ‘एक्सपोर्ट अपने हाथ में नहीं है। यूरोपीय और अमेरिकी बाजारों में ग्रोथ सुस्त है, इसलिए एक्सपोर्ट में रफ्तार की उम्मीद कम है।’

चिदंबरम की बात का असर भी हो रहा है। उन्होंने कहा, ‘मैं खुश हूं कि मुल्क के लोग मेरी अपील पर गौर कर रहे हैं। इसलिए गोल्ड इम्पोर्ट में काफी कमी आई है, लेकिन अगर यह और कम होगा तो मेरी खुशी और बढ़ेगी।’

——–बशुक्रिया: अमर उजाला

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