प्लेन में यात्रियों के कान और नाक से निकला खून, डीजीसीए करेगा जांच

प्लेन में यात्रियों के कान और नाक से निकला खून, डीजीसीए करेगा जांच

मुंबई से जयपुर जा रही जेट एयरवेज की एक उड़ान में गुरुवार को चालक दल के सदस्य ‘केबिन प्रेशर’ नियंत्रित रखने वाली स्वीच ऑन करना भूल गए, जिसके चलते कई यात्रियों के नाक-कान से खून बहने लगा. नागर विमानन महानिदेशालय (डीजीसीए) के एक अधिकारी ने बताया कि उड़ान भरते समय चालक दल के सदस्य ‘ब्लीड स्वीच’ सेलेक्ट करना भूल गए, जिसकी वजह से केबिन प्रेशर सामान्य नहीं रखा जा सका. इस वजह से ऑक्सीजन मॉस्क नीचे आ गए. जेटएयरवेज के प्रवक्ता ने बताया कि केबिन प्रेशर में कमी आने के कारण बोईंग 737 विमान को वापस मुंबई लौटना पड़ा. जांच पूरी होने तक विमान के पायलटों को ड्यूटी से हटा दिया गया है.

शुरुआती सूचनाओं के आधार पर अधिकारी ने बताया कि कुछ यात्रियों के नाक से खून बहा. उन्होंने कहा, ‘विमान में 166 यात्री सवार थे, जिनमें से 30 यात्रियों को यह समस्या आई … कुछ की नाक से, जबकि कुछ अन्य के कान से खून बहा. वहीं कुछ लोगों को सिर दर्द की परेशानी हुई. उड़ान 9 डब्ल्यू 697 में 166 यात्री और चालक दल के पांच सदस्य सवार थे. यात्रियों में से एक द्वारा बनाए गये वीडियो में दिख रहा है कि ऑक्सीजन मास्क् नीचे आ गए हैं और यात्री उसकी मदद से सांस ले रहे हैं.

अधिकारी ने बताया कि जिन यात्रियों को समस्या पेश आई, उनका हवाई अड्डा पर ही डॉक्टर इलाज कर रहे हैं. विमानन कंपनी के अनुसार, विमान सामान्य रूप से मुंबई में उतरा. कंपनी ने कहा है कि यात्रियों को सुरक्षित उतार कर टर्मिनल में ले जाया गया है. जिन यात्रियों को कान में दर्द और नाक से रक्त स्राव की दिक्कत आई है उन्हें प्राथमिक इलाज दिया गया है. विमान दुर्घटना जांच ब्यूरो (एएआईबी) के एक अधिकारी ने बताया कि शुरुआती सूचनाओं के अनुसार यह पायलटों की लापरवाही का मामला है क्योंकि केबिन प्रेशर की जांच करना उड़ान भरने से पहले ही प्रक्रिया में शामिल है. अधिकारी ने बताया कि मामले की जांच पहले डीजीसीए करेगा. उसके बाद ही फैसला होगा कि मामले की जांच एएआईबी को सौंपनी है, या नहीं. बेहद गंभीर मामलों की जांच की एएआईबी को सौंपी जाती है.

Top Stories