Wednesday , December 13 2017

फर्रुखाबाद की रैली में फहरिस्त का खुलासा

इंडिया अगेंस्ट करप्शन की रैली में यक्म नवंबर को अरविंद केजरीवाल डॉ.जाकिर हुसैन मेमोरियल ट्रस्ट के 17 अजलो (District/जिलों)के फायदा लेने वाले माजूरो (विकलांगो) की फहरिस्त का खुलासा करेंगे।

इंडिया अगेंस्ट करप्शन की रैली में यक्म नवंबर को अरविंद केजरीवाल डॉ.जाकिर हुसैन मेमोरियल ट्रस्ट के 17 अजलो (District/जिलों)के फायदा लेने वाले माजूरो (विकलांगो) की फहरिस्त का खुलासा करेंगे।

आईएसी टीम के रुकन (सदस्य) संजय सिंह ने बताया कि रैली में केजरीवाल पर हमला हुआ तो उसके लिए मर्कज़ और रियासत की हुकूमत जिम्मेदार होगी।

26 नवंबर को आईएसी के सयासी पार्टी का ऐलान होगा। पार्टी लोकसभा इंतेखाबात (चुनाव)में 543 नशिस्तो पर उम्मीदवार उतारेगी। आईएसी टीम के साबिक रुकन पार्लीमेंट ( MP) इलियास आज़मी ने कहा कि मुलायम सिंह यादव मरकज़ी वज़ीर कानून सलमान खुर्शीद की मदद कर रहे हैं।

आईएसी टीम पर हुए हमले के बाद यहां पहुंचे संजय सिंह ने कहा कि हम ऐसी बुजदिली हरकतों से डरने वाले नहीं। आईएसी टीम के लक्ष्मण सिंह, मुन्नालाल राजपूत, लोक समिति के सदर ( अध्यक्ष) सुल्तान सिंह और मीडियाकर्मियों पर हमला बौखलाहट का नतीजा है। तहरीर देने के बावजूद एसपी ने रिपोर्ट दर्ज नहीं कराई। आईएसी की रैली में यक्म नवंबर को अरविंद केजरीवाल पर हमला हुआ तो उसके लिए केंद्र और राज्य सरकार जिम्मेदार होंगी।

संजय सिंह ने कहा कि डॉ. जाकिर हुसैन मेमोरियल ट्रस्ट ने खूब धांधली की हैं। 12 जून, 2012 को हुकूमत उत्तर प्रदेश के खास सेक्रेटरी अनिल सागर ने मर्कज़ ( केंद्र) के सामाजिक न्याय अधिकारिता मंत्रालय (Ministry of Social Justice) को भेजी रिपोर्ट में 10 अज़लो के आफीसरो के फर्जी दस्तखत होने का खुलासा किया था। माजूर आलात(Orthopedic appliances/ विकलांग उपकरण) तकसीम किए बिना नाम चढा़ लिए गए। बुलंदशहर के जिस तिब्बी मरकज़ (Medical Center) और शाहजहांपुर के विकास खंड का ट्रस्ट फहरिस्त में जिक्र है, वह हकीकत में हैं ही नहीं।

केजरीवाल के कियादत में बनने वाली पार्टी का ऐलान 26 नवंबर को होगा। खास मसलों पर अन्ना हजारे से भी साझा किए जा रहे हैं। आईएसी का सबसे बडा़ सियासी मुद्दा बदउनवानी (भ्रष्टाचार) है।

आईएसी टीम के साबिक एम पी इलियास आजमी ने कहा कि मुलायम सिंह सलमान की मदद कर रहे हैं। पहली रिपोर्ट भी सरकार की ही है। ऐसे में दोबारा जांच का कुछ मतलब नहीं है। मैनपुरी के माजूर ( विकलांग) पंकज यादव ने बताया कि वह पैर से माजूर हैं लेकिन सिर्फ कागजों पर उसे सुनने वाली मशीन (Hearing Machine) दी गई।

TOPPOPULARRECENT