Tuesday , April 24 2018

फलस्तीन को अलग राष्ट्र की मान्यता देकर यरुशलम को उसकी राजधानी बनाई जाये- मुस्लिम राष्ट्र संगठन

इस्तांबुल। यरुशलम को इसराइल की राजधानी बनाने वाले अमेरिका के फैसले का लगातार विरोध जारी है। अमेरिका के इस फैसले के समर्थन में कुछ चुनिंदा देश ही सामने आए हैं। अब 57 मुस्लिम देश भी इस के खिलाफ आए हैं।

इन मुस्लिम देशों ने अपील की है कि अंतरराष्ट्रीय समुदाय को फलस्तीनी क्षेत्र को एक अलग राष्ट्र के रूप में मान्यता देकर, यरुशलम को उसकी राजधानी मानना चाहिए।

57 देशों के समूह ओआईसी यानी ऑर्गेनाइजेशन ऑफ इस्लामिक कोऑपरेशन ने कहा कि अमरीका का यरुशलम को इसराइल की राजधानी मानने का फैसला अमान्य है।

उन्होंने यह भी कहा कि अमरीका के इस फैसले से संकेत मिलता है कि उसने अब मध्य पूर्व की शांति वार्ता से हाथ पीछे खींच लिया है।

ओआईसी के अनुसार, इन मुस्लिम देशों के लिए अमेरिका का यह फैसला कानूनी तौर पर अमान्य है और इसे फलस्तीनी लोगों के अधिकारों पर ‘हमला’ माना जाना चाहिए।

बता दें कि इस संगठन से पहले फलस्तीनी राष्ट्रपति महमूद अब्बास भी कह चुके हैं कि संयुक्त राष्ट्र को इस मामले में आगे आना चाहिए।

इस्ताम्बुल में ओआईसी की एक समिट में बोलते हुए महमूद अब्बास ने कहा कि ‘अमरीका इसराइल का पक्ष लेता है’ इसलिए उसकी इस मामले में मध्यस्थता ‘स्वीकार नहीं की जा सकती’। गौरतलब है कि यरुशलम विवाद की जड़ इसराइल और फलस्तीनी क्षेत्र का विवाद है।

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