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फ़िरोज़ ख़ान के ख़ानदान को हुकूमतों की ख़ुसूसी मुराआत !सी ए पट्ठा वाला

मुहम्मद फ़िरोज़ ख़ान एक बहादुर सिपाही था जिस ने हिंदुस्तान की लाईन आफ़ कंट्रोल पर मुल्क की हिफ़ाज़त करते हुए अपनी जान दे दी।

मुहम्मद फ़िरोज़ ख़ान एक बहादुर सिपाही था जिस ने हिंदुस्तान की लाईन आफ़ कंट्रोल पर मुल्क की हिफ़ाज़त करते हुए अपनी जान दे दी।

इस बहादुर फ़ौजी जवान पर सारे मुल्क खासतौर पर आंध्र प्रदेश हैदराबाद को फ़ख़र है।फ़ौज अपने इस शहीद सिपाही को उसकी बहादुरी पर स्लयूट करती है।

इन ख़्यालात का इज़हार मुहम्मद फ़िरोज़ के जलूस जनाज़ा-ओ-तदफ़ीन में शिरकत करने वाले आला फ़ौजी ओहदेदार सी ए पट्ठा वाला ने किया।

सियासत से बात करते हुए उन्होंने कहा कि फ़िरोज़ ख़ान लाईन आफ़ कंट्रोल पर उस वक़्त शहीद हुए जब दुश्मन की तरफ़ से फ़ायर आया वो एक बुलंद हौसला और मज़बूत नौजवान थे।

एक सवाल के जवाब में सी ए पट्ठा वला ने बताया कि पूंछ सैक्टर के आर आर में डयूटी के दौरान मुहम्मद फ़िरोज़ ख़ान शहीद हुए हैं जो हैदराबाद और आंध्र प्रदेश के लिए फ़ख़र की बात है।

शहीद सिपाही के ग़मज़दा ख़ानदान के लिए मर्कज़ी-ओ-रियास्ती हुकूमतों की तरफ से किए जाने वाले इक़दामात के बारे में मेजर जनरल सी ए पट्ठा वाला (Cyrus Addie Pithawalla) ने बताया कि फ़ौजी शहीदों के ख़ानदानों की इमदाद-ओ-राहत के लिए मर्कज़ी-ओ-रियास्ती हुकूमतों ने ग़ैरमामूली सकीमात बनाई हैं।

मुहम्मद फ़िरोज़ ख़ान के विरसा को फ़राख़दिलाना वज़ीफ़ा मिलता रहेगा ,फ़राख़दिलाना वज़ीफे का मतलब तनख़्वाह मुसलसिल मिलती रहेगी ,ग्रेजवीटी की रक़म भी दी जाएगी ,एक्स् ग्रेश्या दिया जाएगा इसी तरह रियास्ती हुकूमत की तरफ से विरसा को रहने के लिए मकान एक फ़र्द को रोज़गार और मुआवज़ा दिया जाएगा।

हम ने देखा कि शहीद फ़ौजी जवान मुहम्मद फ़िरोज़ ख़ान के जलूस जनाज़ा के मौके पर हिंदुस्तान ज़िंदाबाद । पाकिस्तान मुर्दा बाद के नारे से फ़िज़ा गूंज रही थी।

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