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फ़ीस रीएमबरसमनट , वज़ाइफ़ केलिए ऑनलाईन सहूलत : पी बाला राज

हैदराबाद । 1 नवमबर । (सियासत न्यूज़ ) रियास्ती हुकूमत ने तालीमी साल 2011-2012 केलिए तलबा ओ- तालिबात से तालीमी फ़ीस रीएमबरसमनट और वज़ाइफ़ के हुसूल से मुताल्लिक़ अपनी दरख़ास्तें यक्म नवंबर से ऑनलाइन दाख़िल करने की ख़ाहिश की और कहा कि ऑनलाईन दरख़

हैदराबाद । 1 नवमबर । (सियासत न्यूज़ ) रियास्ती हुकूमत ने तालीमी साल 2011-2012 केलिए तलबा ओ- तालिबात से तालीमी फ़ीस रीएमबरसमनट और वज़ाइफ़ के हुसूल से मुताल्लिक़ अपनी दरख़ास्तें यक्म नवंबर से ऑनलाइन दाख़िल करने की ख़ाहिश की और कहा कि ऑनलाईन दरख़ास्तें दाख़िल करने की सूरत में तालीमी इदारों के इंतिज़ामियों को कोई भी मुबय्यना बेक़ाईदगियों में मुलव्विस होने का मौक़ा फ़राहम नहीं होसकेगा ।

उन्हों ने नए तालीमी साल केलिए तमाम तलबा-ए-ओ- तालिबात से फ़िलफ़ौर अपनी दरख़ास्तें ऑनलाइन के ज़रीया मुकम्मल करके दाख़िल करने की परज़ोर अपील की । आज यहां सकरीटरीट के मीडीया प्वाईंट पर मिस्टर पी बालाराज वज़ीर कबायली बहबूद के हमराह अख़बारी नुमाइंदों से बातचीत करते हुए वज़ीर समाजी बहबूद मिस्टर पी सत्य ना रावना ने मज़कूरा इज़हार-ए-ख़्याल किया और बताया कि कोई भी स्टूडैंट अपना ई मेल और टेलीफ़ोन नंबर देने पर उसे एक पासवर्ड फ़राहम किया जाएगा ।

अगर कुछ गलतीयां ऑनलाईन फ़ार्म पर करने में सरज़द होजाएं तो ई मेल पर इन ग़लतीयों को दरुस्त करलिया जा सकता है । वज़ीर मौसूफ़ ने वाज़िह तौर पर कहा कि गुज़श्ता अर्सा के दौरान हुकूमत की जानिब से तलबा-ए-को वज़ाइफ़ फ़राहम करने और फ़ीस री एमबरसमनट स्कीम मुतआरिफ़ की गई थी जोकि कामयाब ज़रूर रही लेकिन बाअज़ कॉलिज इंतिज़ामियों की जानिब से की गई बे क़ाईदगियों के बाइस तमाम तलबा-ए-ओ- तालिबात केलिए ऑनलाईन फ़ार्म पर करके दाख़िल करने के तरीका-ए-कार को मुतआरिफ़ किया गया ताकि इस नए तरीका-ए-कार के ज़रीया फ़ीस री एमबरसमनट और वज़ाइफ़ की रक़ूमात में की जानेवाली बे क़ाईदगियों का मुकम्मल इंसिदाद किया जा सके ।

उन्हों ने कहा कि जो तलबा-ए-ओ- तालिबात अभी तक नए तालीमी साल 2011-12 में दाख़िला ना लीए हूँ वो अपना दाख़िला लेने के साथ ही ऑनलाईन फ़ार्म पर करें और जो दाख़िले हासिल करचुके हैं वो फ़िलफ़ौर वज़ाइफ़-ओ-ह फ़ीस री एमबरसमनट केलिए ऑनलाईन फ़ार्म की ख़ाना परी करके दाख़िल करें ।मिस्टर बी सत्य ना रावना वज़ीर समाजी बहबूद ने पोलावरम पराजकट केलिए बाअज़ सयासी जमातों की जानिब से रुकावटें पैदा करने से मुताल्लिक़ की जाने वाली कोशिशों की सख़्त मुज़म्मत की और कहा कि ये पराजकट अज़ला मशरिक़ी-ओ-मग़रिबी गोदावरी अवाम केलिए इंतिहाई एहमीयत का हामिल है।

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