Sunday , July 22 2018

फ़ीस री एमबरसमेनट स्कीम ,स्कालरशिप का हुसूल मुश्किल

रियास्ती हुकूमत की तरफ से चलाई जाने वाली फ़ीस बाज़ अदायगी स्कीम-ओ-स्कालरशिप के लिए बनाए गए नए उसूल-ओ-ज़वाबत तलबा को हुसूल स्कालरशिप-ओ-फ़ीस बाज़ अदायगी से महरूम करने का सबब बिन रहे हैं ।

रियास्ती हुकूमत की तरफ से चलाई जाने वाली फ़ीस बाज़ अदायगी स्कीम-ओ-स्कालरशिप के लिए बनाए गए नए उसूल-ओ-ज़वाबत तलबा को हुसूल स्कालरशिप-ओ-फ़ीस बाज़ अदायगी से महरूम करने का सबब बिन रहे हैं ।

इस सिलसिले में इख़तियार करदा महिकमा अक़ल्लीयती बहबूद बिलख़सूस वज़ीर‍ ए‍ अक़लीयती बहबूद और आंध्र प्रदेश रियास्ती अक़ल्लीयती मालीयाती कारपोरेशन की ख़ामोशी से एसा महसूस होता है कि ये इदारे भी तलबा को फ़ीस की बाज़ अदायगी स्कीम से मुस्तफ़ीद होने का मौक़ा फ़राहम करने के मूड में नहीं हैं।

अक़ल्लीयती तलबा की तरफ से दाख़िल करदा मुकम्मल अस्नादात के बावजूद पिछ्ले चंद यौम से कॉलेजस की तरफ से उन के इनकम सरटीफ़ीकेटस के अलावा कासट सरटीफ़ीकेट तलबा को वापिस हवाले किए जा रहे हैं ताके वो इन सरटीफ़ीकेटस के बजाय मी सेवा से जारी करदा सरटीफ़ीकेटस हासिल करते हुए वो दाख़िल करें ।

तलबा को जारी की गई इस अचानक हिदायत के बाद तलबा-ओ-ओलयाए तलबा में बेचैनी की लहर पैदा होगई है और हज़ारों तलबा शहरी इलाक़ों के तहसीलदारों के दफ़ातिर के चक्कर काटने लगे हैं ।

बहादुर पूरा मंडल तहसीलदार के दफ़्तर पर आज रात देर गए तक भी तलबा-ओ-ओलयाए तलबा का कसीर हुजूम जमा था जिस में बेशतर ओलयाए तलबा ये कहते हुए देखे गए कि अगर अंदरून एक यौम उन्हें सरटीफ़ीकेट हासिल नहीं होता है तो वो अपने बच्चों की तालीम तर्क करवाने पर मजबूर होजाएंगे चूँके उन्हों ने फ़ीस बाज़ अदायगी स्कीम के भरोसे अपने बच्चों को दाख़िला दिलवाया था लेकिन अचानक जारी करदा नए अहकाम उन के लिए सदमे का बाइस बिन रहे हैं ।

ओलयाए तलबा ने बताया कि जब सरकारी तौर पर जारी करदा अस्ना दात को महिकमा अक़ल्लीयती बहबूद-ओ-महिकमा समाजी बहबूद की तरफ से क़बूल नहीं किया जा रहा तो इस से ऐसा महसूस होता है कि रियास्ती हुकूमत के बाअज़ मुतअस्सिब ओहदेदार मुस्लिम तलबा को स्कीम के स्तिफ़ादा के महरूम रखने के मुनज़्ज़म साज़िश कररहे हैं ।

सरटीफ़ीकेट के हुसूल के पहुंचने वाले सैंकड़ों तलबा-ओ-ओलयाए तलबा ने बताया कि उन्हें सिर्फ़ एक दिन का वक़्त दस्तयाब है चूँके 15 दिसमबर को दरख़ास्तों के इदख़ाल की आख़िरी तारीख़ है । कॉलेजस के ज़िम्मा दारान ने बताया कि इस में तालीमी इदारों की कोई ग़फ़लत नहीं है चूँके तालीमी इदारे हमेशा की तरह बरवक़्त दरख़ास्तों के इदख़ाल के लिए तमाम अस्नादात हासिल करचुके थे लेकिन अचानक ही तबदील किए गए क़वानीन से ये मुश्किलात पेश आरही हैं । ओलयाए तलबा ने महिकमा अक़ल्लीयती बहबूद-ओ-महिकमा समाजी बहबूद के ओहदेदारों से इस्तिफ़सार किया कि आख़िर क्यों इन अस्नादात को क़बूल नहीं किया जा रहा है जो साबिक़ में ईसेवा और तहसील दफ़ातिर से हासिल किए जा चुके हैं ।

ओलयाए तलबा ने बताया कि इन अस्नादात की बुनियाद पर जब दाख़िला हासिल होसकता है तो क्यों इन अस्नादात को क़बूल नहीं किया जा रहा है । आंध्र प्रदेश रियास्ती अक़ल्लीयती मालीयाती कारपोरेशन के ओहदेदारों से भी तलबा ने मुतालिबा किया कि वो फ़ौरी तौर पर इस मुआमला में मुदाख़िलत करते हुए दरख़ास्तों के इदख़ाल की आख़िरी तारीख़ में तौसीअ का एलान करे ताकि तलबा दरख़ास्तों के इदख़ाल से महरूम ना रहें ।

ओलयाए तलबा ने वज़ीर-ए-क़लीयती बहबूद मुहम्मद अहमद उल्लाह से भी अपील की के वो इस मआमले में बरवक़्त मदाख़िलत करते हुए अक़ल्लीयती तलबा के मुस्तक़बिल को तारीक होने से बचाएं ।

स्कालरशपस के ज़िमन में दरकार दस्तावेज़ात के हुसूल में दुशवारी पर अक़ल्लीयती तलबा की कसीर तादाद के बहादुर पूरा मंडल रेवैन्यू ऑफ़िस में जमा होजाने की इतेलाआत पर रोज़नामा सियासत के स्कालरशपस हेल्पलाइन के ज़िम्मेदारों ने एम आर ओ ऑफ़िस पहुंच कर ओहदेदारों से दस्तावेज़ात की इजराई के बारे में तबादला-ए-ख़्याल किया और मसले की फ़ौरी यकसूई के लिए ओहदेदारों को अमादा किया ।

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