Saturday , December 16 2017

फ़्रांसीसी पहाड़ पर “मेड इन इंडिया” जवाहरात

यूरोपीय पहाड़ी सिलसिले इलिप्स के पहाड़ मोंबिलां पर कोहे पैमाई करने वाले एक फ़्रांसीसी बाशिंदे को क़ीमती जवाहरात से भरा हुआ एक डिब्बा मिला है। इस डिब्बे पर मेड इन इंडिया तहरीर है और ख़्याल किया जा रहा है कि डिब्बा इस पहाड़ी इलाक़

यूरोपीय पहाड़ी सिलसिले इलिप्स के पहाड़ मोंबिलां पर कोहे पैमाई करने वाले एक फ़्रांसीसी बाशिंदे को क़ीमती जवाहरात से भरा हुआ एक डिब्बा मिला है। इस डिब्बे पर मेड इन इंडिया तहरीर है और ख़्याल किया जा रहा है कि डिब्बा इस पहाड़ी इलाक़े में कई दहाईयों पहले तबाह होने वाले एयर इंडिया के दो तयारों में सवार किसी मुसाफ़िर का हो सकता है।

सन 1950 और 1966 में इस इलाक़े में एयर इंडिया के दो जहाज़ गिर कर तबाह हुए थे। ख़बररसां एजेंसी ए पी के मुताबिक़ फ़्रांसीसी पुलिस के कमांडर सेल्यूइन मेरल ने कहा कि मोंबिलां के पहाड़ पर चढ़ने वाले एक ग्लेशीयर पर तजुरबा कार कोहे पैमा को ये धाती डिब्बा मिला जिसे उस ने पुलिस के हवाले कर दिया।

फ़्रांसीसी इंतेज़ामीया का कहना है कि लाखों डालर मालियत के जवाहरात से भरे इस डिब्बे के दरयाफ़्त की मालूमात आम करने का मक़्सद इस के असली मालिक की तलाश है। मेरल ने कहा कि जूते के बॉक्स से थोड़े बड़े इस डिब्बे में जवाहरात को छोटी छोटी थैलीयों में रखा गया है।और इन में से ज़्यादा तर याक़ूत, ज़मरुद और नीलम हैं।

इन का ये भी कहना था कि इस फ़्रांसीसी पहाड़ पर तबाह होने वाले तयारों का मलबा उस वक़्त सतह पर आता रहता है जबकि वहां के ग्लेशीयर हरकत करते हैं। पुलिस अफ़्सर ने कहा कि कोहे पैमाने इस बॉक्स को फ़ौरी तौर पर पुलिस को सौंप दिया जिस से साबित होता है कि लोगों में अब भी ईमानदारी बाक़ी है।

उन्हों ने कहा कि कोहे पैमा उसे अपने पास रख सकता था लेकिन इन का ख़्याल था ये क़ीमती चीज़ें किसी ऐसे शख़्स की हैं जिस की इस हादिसे में मौत हुई थी। अभी ये वाज़ेह नहीं है कि अगर इस डिब्बे का कोई दावेदार सामने नहीं आता तो तो उन जे़वरात का क्या होगा।

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