Tuesday , December 12 2017

फ़्रांसीसी सहाफ़ी को चीन से बाहर निकलने का फैसला

चीन सरकारी तौर पर अपने मग़रिबी मुस्लिम अक्सरीयती इलाक़े में जारी नसली हंगामों को आलमगीर दहशतगर्दी का ही एक हिस्सा क़रार देता है। इस सरकारी चीनी मौक़िफ़ पर सवाल उठाने की पादाश में एक फ़्रांसीसी ख़ातून सहाफ़ी को अब चीन छोड़ना पड़ेगा।चीन ने छब्बीस दिसंबर हफ़्ते के रोज़ कहा है कि फ़्रांसीसी ख़ातून सहाफ़ी उरसला गोतीए के सहाफ़ती इजाज़त नामे की मुद्दत में तौसीअ नहीं की जाएगी।

एक फ़्रांसीसी हफ़्तरोज़ा न्यूज़ मैगज़ीन लोबज़ के लिए काम करने वाली उरसुला गोतीए बीजिंग हुकूमत के इन इक़दामात के बारे में रिपोर्टिंग कर रही थीं जिनमें हुकूमत अपने मग़रिबी मुस्लिम अक्सरीयती इलाक़े में जारी नसली तशद्दुद को आलमगीर दहशतगर्दी से जोड़ने की कोशिशें कर रही है।

चीनी हुक्काम ने एतराज़ किया था कि इस सहाफ़ी ने अपनी रिपोर्टिंग के ज़रिए चीनी अवाम के जज़बात मजरूह किए हैं और इस के लिए उन्हें माफ़ी मांगनी चाहिए।

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