Thursday , December 14 2017

फार्मेशन डे पर भी किरण का मुत्तहिदा रियासत का राग

चीफ मिनिस्टर एन किरण कुमार रेड्डी ने रियासत की तक़सीम के मसले पर मुत्तहदा रियासत का फिर एक बार मुत्तहदा रियासत में ही आंध्र प्रदेश की तरक़्क़ी को मुम्किना क़रार दिया और कहा कि हुकूमत रियासत के तमाम इलाक़ों की तरक़्क़ी के लिए अब तक ह

चीफ मिनिस्टर एन किरण कुमार रेड्डी ने रियासत की तक़सीम के मसले पर मुत्तहदा रियासत का फिर एक बार मुत्तहदा रियासत में ही आंध्र प्रदेश की तरक़्क़ी को मुम्किना क़रार दिया और कहा कि हुकूमत रियासत के तमाम इलाक़ों की तरक़्क़ी के लिए अब तक ही कई प्रोग्रामों को रूबा अमल लारही है।

लिहाज़ा मुत्तहदा रियासत के ज़रीये रियासत की तरक़्क़ी मुम्किना होसकेगी। आज यहां एन टी आर स्टेडीयम में मुनाक़िदा यौम तासीस आंध्र प्रदेश की तक़रीब से ख़िताब करते हुए कहा कि रियासत में पाए जाने वाले हालात की वजह से आंध्र प्रदेश में गैर यक़ीनी सूरत-ए-हाल पाई जाती है और हर एक में इस बात का डर लाहक़ होचुका है कि आइन्दा साल यौम तासीस आंध्र प्रदेश तक़रीब मुनाक़िद होगी भी यह नहीं।

इस सूरत में चीफ मिनिस्टर ने कहा कि वो आज भी मुत्तहदा रियासत आंध्र प्रदेश की ही परज़ोर वकालत करेंगे। उन्होंने इस मौके पर रियासत आंध्र प्रदेश के ताल्लुक़ से साबिक़ वज़ीर आज़म आँजहानी इंदिरा गांधी के पार्लियामेंट में किए हुए रिमार्कस को याद दिलाया और कहा कि इंदिरा गांधी ने मुत्तहदा रियासत आंध्र प्रदेश की बरक़रारी को अव्वलीन तरजीह दी थी क्यूंकि मुत्तहदा रियासत में अमन-ओ-ज़बत की बरक़रारी के लिए बड़ी सनअतों का क़ियाम अमल में लाने के लिए किसानों के दरपेश मसाइल की यकसूई के लिए पसमांदा इलाक़ों की तरक़्क़ी के लिए रियासत मुत्तहिद और ताक़तवर-ओ-मुस्तहकम रहने की ज़रूरत है।

उन्होंने कहा कि हुकूमत दर्ज फ़हरिस्त इक़दाम-ओ-क़बाइल पसमांदा-ओ-अकलियती तबक़ात के साथ किसानों ख़वातीन नौजवानों और तलबा की फ़लाह-ओ-बहबूद के लिए तरजीही इक़दामात कर रही है।

उन्होंने आइन्दा साल भी यौम तासीस आंध्र प्रदेश तक़रीब मुनाक़िद होने की ख़ाहिश का इज़हार किया। तक़रीब के मौके पर किरण कुमार रेड्डी ने पुलिस ओहदेदारों शेख सिराज उद्दीन , साबिक़ डिप्टी इन्सपेक्टर जनरल आफ़ पुलिस ए पी एस पी बटालियन , मुहम्मद ताहिर अली ए सी पी फ़लकनुमा , एस सय्यद बाशाह चीफ सेकोरेटी ऑफीसर डी जी पी ऑफ़िस को ए पी पुलिस महोनता सेवा पतकम बराए साल 2012-2013 अता करने के अलावा दुसरे ओहदेदारों-ओ-मुलाज़िमीन को उनकी शानदार ख़िदमात पर एवार्ड-ओ-सताइश सदाक़तनामा अता किए । स्कूली बच्चों ने तहज़ीबी प्रोग्राम्स पेश किए।

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