Wednesday , December 13 2017

फिनलैंड : मानव तस्करी, पाकिस्तानी और भारतीय नागरिक गिरफ्तार

फिनलैंड के सीमा रक्षकों का कहना है कि उन्होंने मानव तस्करी में लिप्त एक ऐसे अंतरराष्ट्रीय गिरोह का नेटवर्क तोड़ दिया है जो कथित तौर पर आर्कटिक मार्गों के माध्यम से आप्रवासियों को रूस से फिनलैंड पहुंचा  रहा था।

मानव तस्करी में लिप्त यह अंतरराष्ट्रीय समूह आप्रवासियों को बर्फीले और बीहड़ ध्रुवीय मार्गों के माध्यम से रूस से फिनलैंड पहुंचा रहा था। फिनलैंड पुलिसकर्मी टीमो मानतनियामी का कहना है कि विभिन्न देशों से संबंधित मानव तस्करों का यह गिरोह 16 लोगों की थी और उनका संबंध पाकिस्तान, भारत, स्वीडन और हॉलैंड से है।

मानतनियामी का यह भी कहना था कि इस गिरोह ने कथित तौर पर इस साल जनवरी और फरवरी के महीने में 45 प्रवासियों को अवैध रूप से भारत से रूस के रस्ते फिनलैंड पहुंचाया।

पुलिस ने 13 तस्करों को हिरासत में ले लिया है जबकि फिनलैंड में स्थायी रूप से रहने वाले तीन ऐसे लोगों को रिहा कर दिया गया है जिनके अपराध की प्रकृति जाँचकर्ताओं के अनुसार मामूली प्रकृति की थी। इस मामले की जांच करने वाले टीमो मानतनियामी ने समाचार एजेंसी एपी से की गई अपनी एक बातचीत में बताया कि यह गिरोह भारत से फ़िनलैंड तक पहुंचाने के लिए हर प्रवासी से 15 हजार यूरो प्राप्त करता था।

फिनलैंड पुलिस को मानव तस्करी करने वाले गिरोह के बारे में तब पता चला था जब इटली में स्थित एक भारतीय नागरिक को हेलसिंकी के हवाई अड्डे से गिरफ्तार किया गया। दो महीने के भीतर नीदरलैंड, जर्मनी, पोलैंड, इटली और रूस सहित कई देशों की पुलिस के सहयोग से इस गिरोह के अन्य सदस्यों की पहचान की प्रक्रिया जारी रहा और आखिरकार 16 लोगों को गिरफ्तार कर लिया गया।

इस साल की शुरुआत से ही ध्रुवीय मार्गों से होकर फ़िनलैंड तक पहुंचने वाले प्रवासियों की संख्या में अचानक वृद्धि हो गया था जिसकी वजह से हीलनस्की अधिकारियों को शक हुआ था कि आप्रवासियों संगठित अपराधियों की मदद से यह रास्ता अपना रहे हैं।

2015 के पूरे साल के दौरान आर्कटिक मार्गों के माध्यम से रूस से फिनलैंड पहुंचने वाले प्रवासियों की कुल संख्या महज 700 थी जबकि इस वर्ष के पहले दो महीनों में एक हजार से अधिक प्रवासियों व शरणार्थी यूरोप पहुंचने के लिए इस बर्फीले रास्तों को चुना।

मानतनियामी का कहना था, ” इन तस्करों ने प्रवासियों को नॉर्वे पहुंचाने की भी कोशिश की लेकिन ओस्लो से ध्रुवीय सीमा मार्गों की निगरानी में सख्ती के बाद फिनलैंड का रुख किया था। ” उनका कहना था कि अब इन मार्गों से शरणार्थियों के आगमन समाप्त हो चुकी है।

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