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फिर फंसे सिद्धू फिर बोल गए कुछ उल्टा

अमृतसर, 5 जुलाई: बीजेपी एमपी और साबिक क्रिकेटर नवजोत सिंह सिद्धू एक बार फिर अपनी बेबाक ज़ुबान को लेकर तनाज़े में आ गए हैं। उन्होंने इस बार सिख मजहब की पासदारी के उलट अल्फाज़ो का इल्तेमाल कर मुसीबत बुला ली है।

अमृतसर, 5 जुलाई: बीजेपी एमपी और साबिक क्रिकेटर नवजोत सिंह सिद्धू एक बार फिर अपनी बेबाक ज़ुबान को लेकर तनाज़े में आ गए हैं। उन्होंने इस बार सिख मजहब की पासदारी के उलट अल्फाज़ो का इल्तेमाल कर मुसीबत बुला ली है।

अब सिद्धू के खिलाफ सिख मज़हब के सुप्रीम मुकाम श्री अकाल तख्त साहिब के जत्थेदार की ओर से किसी वक्त भी सख्त कार्रवाई की जा सकती है।

श्री अकाल तख्त साहिब के जत्थेदार ज्ञानी गुरबचन सिंह ने कहा अभी तक सिद्धू के खिलाफ कोई लिखित शिकायत नहीं पहुंची है।

शिकायत मिली तो वह इस मामले को पांच सिंह साहिबान की बैठक में रखेंगे। जो भी फैसला बैठक में होगा उसे लागू किया जाएगा।

पिछले दिनों टीवी चैनल पर आने वाले एक कॉमेडी प्रोग्राम में सिद्धू ने गुरबाणी को लेकर कुछ अल्फाज़ बोल दिए। सिद्धू ने इस शो के दौरान शराब पीने के एक्ट पर कहा कि ‘क्या है नशा शराब का जो उतर जाए प्रभात, नाम खुमार नानका चढ़ी रहे दिन रात’।

इससे पहले सिद्धू गुजरात में इंतेखाबी मुहिम के दौरान तनाज़ो में घिर गए थे। जिससे बीजेपी के खिलाफ पटेल कम्युनिटी की मुखालिफत बढ़ गया था।

वज़ीर ए आज़म मनमोहन सिंह के खिलाफ भी मुबय्यना तौर पर गलत अल्फाज़ों का इस्तेमाल कर साबिक क्रिकेटर सिद्धू तनाज़े में आ गए थे। कुछ साल पहले सिद्धू रूद्र यज्ञ में जनेऊ पहनने की वजह से तनाज़े में आ गए थे।

सिख धर्म की पासदारी के मुतबिक सिख चाहे दुनिया में कहीं भी रहे या फिर किसी भी पार्टी से जुड़ा हो, वह जनेऊ नही पहन सकता।

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