Friday , January 19 2018

फिलस्तीनी कार्यकर्ता बासिल की हत्या का विरोध : प्रदर्शनकारियों ने रामलल्ला में निकाला मार्च

फिलस्तीन। इजरायली सुरक्षा बलों द्वारा 31 वर्षीय फिलिस्तीनी कार्यकर्ता बासिल अल-अराज की हत्या के विरोध में प्रदर्शनकारियों ने रामलल्ला में मार्च निकाला। बासिल अल-अराज को रामलल्ला के बाहरी इलाके अल-बिरेह में एक घर में इजरायली सैनिकों द्वारा मार दिया गया था। फिलीस्तीनी अस्पताल के सूत्रों के मुताबिक इजरायली सुरक्षा बलों की गोलीबारी से दो अन्य फिलीस्तीनी घायल हुए हैं। फिलीस्तीनी सुरक्षा के सूत्र के मुताबिक इस्लामवादियों के करीबी अराज बेथलेहम में अल-वालाजा के थे, ने फ़िलिस्तीनी प्राधिकरण जेल में कई महीने बिताए थे।

 

एक फिलीस्तीनी अहिंसा कार्यकर्ता और फिलीस्तीनी राष्ट्रीय पहल राजनीतिक दल के प्रमुख मुस्तफा बारघाती ने अल जजीरा को बताया कि अराज की मौत कपट से की गई ह्त्या है। इजरायल पुलिस ने सोमवार को कहा तह कि सुरक्षाकर्मी अराज को गिरफ्तार करने के लिए वहां गए थे और उस घर में दो आग्नेयास्त्र मिले। इस पर टिप्पणी करते हुए इजरायल के पुलिस प्रवक्ता मिकी रोजेनफेल्ड ने कहा कि रामल्लाह में पुलिस के ऑपरेशन में मारे गए फिलीस्तीनी आतंकवादी नागरिकों और सुरक्षा बलों पर हमले की योजना बना रहे थे।

 

एक अन्य इजरायल पुलिस प्रवक्ता ने कहा कि अराज इजरायल के लक्ष्यों के खिलाफ एक हमले का प्रमुख था। हालांकि, खालिद अल-अरज के चाचा ने कहा कि अराज कोई हमलावर नहीं था। उन्होंने कहा कि उनका भतीजा जीनियस था जिसने अपना समय पढाई और शोध के लिए समर्पित किया, विशेष रूप से फिलिस्तीन के इतिहास और भूगोल के बारे में। उन्होंने कहा कि अराज कभी भी किसी विशेष गुट के नहीं थे, लेकिन उनका मानना था कि बुद्धिजीवियों को अपने विचारों को क्रियान्वित करना चाहिए, न केवल शब्दों में अपनी बात करनी चाहिए।

 

स्वतंत्र फिलिस्तीन के राजनीतिज्ञ बारघाती ने कहा कि उन्होंने रामल्लाह में उस घर का दौरा किया, जहां इजरायलियों ने गोलीबारी की थी। उन्होंने कहा कि वहां संघर्ष चला लेकिन मैंने पाया कि गोलीबारी करने वाला एकमात्र पक्ष इजरायल था। अगर अराज को गोली चलाने का मौका मिलता तो क्या वह गोली नहीं चलाता। इस घर पर पूरी तरह से इजरायली गोलियों को बरसाया गया था। इजरायल की ओर से दावा किया गया है कि वहां से गोली चलाई गई थी। बारघाती ने यह भी कहा कि वास्तव में यह आश्चर्यजनक था कि इजरायल की सेना रामल्लाह के केंद्र में प्रवेश करती है जिसे फिलिस्तीनी प्राधिकरण के अधीन होना चाहिए।

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