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फिलिस्तीन के प्रसिद्ध गांधीवादी ज़ियाद मेडौख को दिया गया जमनालाल बजाज पुरस्कार

मुंबई : फिलिस्तीन के प्रसिद्ध गांधीवादी ज़ियाद मेडौख को शनिवार को “भारत के बाहर गांधीवादी मूल्यों को बढ़ावा देने के लिए जमनालाल बजाज इंटरनेशनल अवार्ड” प्रदान किया गया।

इसके अलावा, शशि त्यागी, ग्राम विकास विज्ञान समिति के संस्थापक और सचिव, “रचनात्मक कार्य के क्षेत्र में उत्कृष्ट योगदान” के लिए चुना गया, नई दिल्ली के संस्थापक-ट्रस्टी प्रवीण नायर, “विकास और कल्याण के लिए” जबकि दिल्ली के एनजीओ जन स्वास्थ्य सहयोग का नाम” ग्रामीण विकास के लिए विज्ञान और प्रौद्योगिकी के अनुप्रयोग “के लिए नामित किया गया था।

इस शाम यहां पुरस्कारों को प्रस्तुत करते हुए केंद्रीय वित्त मंत्री अरुण जेटली ने स्वर्गीय उद्योगपति और स्वतंत्रता सेनानी जमनालाल बजाज की यादों को याद किया, जिनकी स्मृति में वार्षिक पुरस्कार 40 साल पहले स्थापित किए गए थे।

लोकतंत्र, स्वतंत्रता और मानवाधिकार के निष्ठावान समर्थक मेडौख गाजा में अल-अक्सा विश्वविद्यालय में फ्रेंच विभाग के प्रोफेसर और निदेशक हैं।

अपने छात्रों के बीच अहिंसा का शानदार उदाहरण पेश करने के लिए प्रख्यात मेडौख फ्रेंच बोलने वाले देशों में फिलिस्तीन के प्रसिद्ध वक्ताओं में से एक हैं और यूरोप व मध्य-पूर्व में शिक्षक व युवाओं को अहिंसा का पाठ पढ़ाने के लिए जाने जाते हैं।

वर्ष 2006 में वह और उनके दास्तों ने महात्मा गांधी के अहिंसक अर्थव्यवस्था के सिद्धांतों के आधार पर शांति केंद्र की स्थापना की थी, जिसने फिलिस्तीन में अहिंसा प्रतिरोध के रूप में शिक्षा में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई थी।

वर्ष 2011 में वह, फ्रांस के ‘नाइट ऑफ द आर्डर ऑफ एकेडमिक पालम्स’ पाने वाले पहले फिलिस्तीनी नागरिक बने थे।

यह पुरस्कार महात्मा गांधी के अनुयायी और महान उद्योगपति जमनालाल बजाज की याद में हर वर्ष दिया जाता है। पुरस्कारों के 40वें संस्करण में आयोजित विशेष समारोह में केंद्रीय वित्तमंत्री अरुण जेटली ने सभी विजेताओं को पुरस्कार भेंट किए।

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