फिल्म पद्मावती के रिलीज पर अड़े रहने का क्या मतलब है?

फिल्म पद्मावती के रिलीज पर अड़े रहने का क्या मतलब है?

नई दिल्ली। राजस्थान में विधानसभा चुनाव होने में एक साल से कम का वक्त बाकी है। ऐसे में वसुंधरा सरकार ने अभी से ही तैयारी शुरू कर दी है। ‘टाइम्स ऑफ इंडिया’ से बातचीत में वसुंधरा ने फिल्म पद्मावती को लेकर भी अपनी बात रखी।

धमकी और फिल्म के सेट व थियेटर में तोड़फोड़ के सवाल पर वसुंधरा ने कहा कि मैं बिल्कुल इसका समर्थन नहीं करती। लेकिन पद्मावती के निर्देशक संजय लीला भंसाली के साथ जब ऐसा हुआ तो उन्होंने पहली बार एफआईआर क्यों नहीं दर्ज करवाई?

राजस्थान पुलिस ने उनसे एफआईआर दर्ज करवाने की गुजारिश की थी। यदि आपको किसी के साथ कोई समस्या है तो उसके खिलाफ विरोध करो।

उन्होंने कहा कि मैंने खुद केंद्रीय मंत्री स्मृति ईरानी को पत्र लिखकर कहा था कि फिल्म की वजह से खास समुदाय के लोगों की भावनाओं को चोट नहीं पहुंचनी चाहिए।

यदि फिल्म से किसी की भावना आहत होती है तो उस पर अड़े रहने का मतलब क्या है? यह क्या आफत को बुलावा नहीं है?

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