Friday , December 15 2017

फिल्म ‘पद्मावती’ के समर्थन में बांग्ला फिल्म इंडस्ट्री ने भी रखा 15 मिनट का ब्लैक आउट

कोलकाता। संजय लीला भंसाली की फिल्म ‘पद्मावती’ के खिलाफ जारी विरोध प्रदर्शन की निंदा करते हुए बांग्ला फिल्म जगत ने सोमवार को ’15 मिनट के ब्लैक आउट’ का आह्वान किया।

समूचा फिल्म जगत मंगलवार दोपहर को पंद्रह मिनट तक कोई काम नहीं करेगा। पद्मावती की रिलीज को लेकर देश के कुछ हिस्सों में चल रहे विरोध के खिलाफ इसे एक प्रतीकात्मक विरोध बताते हुए राष्ट्रीय पुरस्कार विजेता फिल्म निर्माता गौतम घोष ने कहा कि उद्योग फिल्म पर बहस का स्वागत तब करेगा, जब फिल्म रिलीज हो जाएगी और लोग इसे देख चुके होंगे।

घोष ने सोमवार को एक प्रेस वार्ता में कहा, “पद्मावती को लेकर होने वाली अप्रिय घटनाओं के खिलाफ यह एक प्रतीकात्मक विरोध प्र्दशन है। हम कल (मंगलवार) दोपहर 12 बजे से 12:15 तक एक ब्लैकआउट करेंगे। यह ब्लैकआउट स्टूडियो से शुरू होकर पोस्ट प्रोडक्शन जैसे सभी विभागों में किया जाएगा।”

इस मौके पर बांग्ला अभिनेता प्रोसेनजीत चटर्जी, निर्माता श्रीकांत मोहता और उद्योग के अन्य दिग्गज भी उपस्थित थे। इंडियन फिल्म्स एंड टेलीविजन डायरेक्टर्स एसोसिएशन (आईएफटीएडीए) के अध्यक्ष अशोक पंडित ने रविवार को पद्मावती के बढ़ते विरोध के खिलाफ पूरे भारतीय फिल्म उद्योग द्वारा 15 मिनट के टूल डाउन (कोई काम नहीं करने) का आह्वान किया था।

फिल्म जगत के सदस्यों ने बंगाल में फिल्म का स्वागत करने के लिए राज्य की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी के खिलाफ भाजपा नेता सूरजपाल अम्मू की टिप्पणी की भी आलोचना की।

घोष ने कहा, “पश्चिम बंगाल में, हमारी मुख्यमंत्री ने एक अलग रुख अपनाया है। उन्होंने पद्मावती की टीम को यहां फिल्म रिलीज करने के लिए आमंत्रित किया है। और अब, उनके खिलाफ बुरी बातें कही जा रही हैं। हम इन सबको क्यों झेल रहे हैं। ऐसा लग रहा है कि हम वापस मध्यकालीन युग में चले गए हैं।”

मोहता ने कहा, “मुख्यमंत्री ने केवल फिल्म यहां रिलीज करने के बारे में बात कही है। उन्होंने किसी को दुख देने और किसी के बारे में गलत नहीं कहा है। उनके खिलाफ टिप्पणी शर्मनाक है।”

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