Wednesday , December 13 2017

फुरकान से नाराज हुए सदर बोले जात-पात की बात न करें

चिंतन कैंप में साबिक़ एमपी फुरकान अंसारी ने रियासत के सदर के कामकाज पर ही सवाल उठा दिया। फुरकान अंसारी ने कहा कि बीडीओ की तरह तंजीम चलाना चाहते हैं। यहां बीडीओगिरी नहीं चलेगी।

चिंतन कैंप में साबिक़ एमपी फुरकान अंसारी ने रियासत के सदर के कामकाज पर ही सवाल उठा दिया। फुरकान अंसारी ने कहा कि बीडीओ की तरह तंजीम चलाना चाहते हैं। यहां बीडीओगिरी नहीं चलेगी।

जिला सदर और ब्लॉक सदरों के साथ पंचायत खादिम की तरह बर्ताव करते हैं। पार्टी दफ्तर को ब्लॉक दफ्तर बना कर रख दिया है। फुरकान अंसारी ने कहा कि गैर आदिवासी सदर पर भी गौर होना चाहिए। सुखदेव भगत आदिवासी के नाम पर सदर बने हैं। लेकिन पांच आदिवासी को नहीं जोड़ सके।

कितने आदिवासी का वोट दिला पाये। इस पर रियासती सदर मिस्टर भगत ने इतराज जतायी। मिस्टर भगत ने कहा कि यहां तंजीम को मजबूत करने पर गौर के लिए बैठे हैं। इस तरह जात-पात की बात नहीं होनी चाहिए। इंचार्ज बीके हरि प्रसाद ने भी कहा कि यहां जात-पात पर बात नहीं होनी चाहिए। चिंतन कैंप में प्रदीप बलमुचु करीब 1.30 बजे उठ कर चले गये। रियासती सदर ने अपने तक़रीर में कहा कि प्रदीप बलमुचु चले गये हैं। बड़े लीडर पार्टी के प्रोग्राम को संजीदगी से नहीं लेंगे, तो आम कारकुनान क्या करेगा।

चिंतन कैंप पर धोखा : बलमुचु

साबिक़ रियासती सदर व एमपी प्रदीप बलमुचु ने बैठक में जाने से पहले कहा कि ऐसा चिंतन कैंप मुनक्कीद करना आला कमान को धोखा देना है। फिक्र करना है, तो खुले मैदान में करना होगा। रियासत में कांग्रेस के दो राज्यसभा एमपी हैं। एमपी धीरज साहू और साबिक़ एमएलए मनोज यादव को नहीं बुलाया गया है। जब ऐसे लोगों को नहीं बुलाया जायेगा, तो किस बात का फिक्र।

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