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फेसबुक , गूगल, याहू और यू ट्यूब के ख़िलाफ़ फ़ौजदारी मुक़द्दमा

नई दिल्ली, १४ जनवरी (पी टी आई) दिल्ली हाईकोर्ट ने आज मुख़्तलिफ़ बैरूनी सोशल नेटवर्किंग साईटस को जिन में फेसबुक और गूगल भी शामिल हैं, काबुल एतराज़ मवाद पेश करने पर फ़ौजदारी मुक़द्दमात का सामना करने के लिए समन जारी कर दिए हैं और उन्हें 13 म

नई दिल्ली, १४ जनवरी (पी टी आई) दिल्ली हाईकोर्ट ने आज मुख़्तलिफ़ बैरूनी सोशल नेटवर्किंग साईटस को जिन में फेसबुक और गूगल भी शामिल हैं, काबुल एतराज़ मवाद पेश करने पर फ़ौजदारी मुक़द्दमात का सामना करने के लिए समन जारी कर दिए हैं और उन्हें 13 मार्च को अपने इजलास पर हाज़िर होने की हिदायत की है।

अदालत ने वज़ारत उमूर ख़ारिजा को भी हिदायत की है कि वो मुताल्लिक़ा कंपनीयों तक ये सुमन पहुंचाई। अदालत ने ये हिदायत उस वक़्त जारी की जब फेसबुक इंडिया की तरफ़ से रुजू होते हुए इस के एक वकील ने कहा कि 21 के मिनजुमला 10 कंपनीयां बैरूनी ममालिक में क़ायम हैं और अदालत को चाहीए कि वो इन कंपनीयों तक समन पहुंचाए।

ये अदालत एक सहीफ़ा निगार वनए राय की तरफ़ से दायर करदा ख़ानगी शिकायत की समाअत कररही थी जिन में इन वैबसाईटस के ख़िलाफ़ क़ाबिल एतराज़ मवाद पेश करने का इल्ज़ाम लगाया गया था। फेसबुक के इलावा माईक्रो साफ्ट, गूगल,याहू और यू ट्यूब को भी समन जारी किए हैं।

मेट्रो पोलीटन मजिस्ट्रेट सुधीश कुमार ने कहा कि ज़ाबता कार के मुताबिक़ वज़ारत उमूर ख़ारिजा के तवस्सुत से उन बैरूनी कंपनीयों तक सुमन पहुंचाए जाएं अदालत ने इस मुक़द्दमा की आइन्दा समाअत 13 मार्च को मुक़र्रर की है और इस पेशी में मुल्ज़िमीन को शख़्सी तौर पर हाज़िर होने की हिदायत की गई है।

फेसबुक इंडिया के वकील सिद्धार्थ दूसरा ने समाअत मुल्तवी करने की दरख़ास्त करते हुए कहा कि ये मुआमला दिल्ली हाईकोर्ट में भी ज़ेर दौरां है और एक दूसरी अदालत में भी इस की समाअत जारी है। हाईकोर्ट में इस की समाअत 16 जनवरी को मुक़र्रर की गई है और गुज़श्ता रोज़ की समाअत के दौरान अदालत-ए-आलिया ने कोई रोलिंग जारी नहीं की थी क्यों कि रिकार्ड मौजूद नहीं था चुनांचे फेसबुक इंडिया इस मुक़द्दमा की समाअत को आज मुल्तवी करने की दरख़ास्त करती है।

इस मुक़द्दमा के एक मुल्ज़िम जो फेसबुक के चेयरमैन हैं कैलीफोर्निया में मुक़ीम हैं। इन की तलबी के लिए अदालत के लिए ये ज़रूरी होगया है कि वो वज़ारत उमूर ख़ारिजा को उन तक समन पहुंचाने की हिदायत करें। दरख़ास्त गुज़ार ने इन वैबसाईटस को मज़ाहिब के ख़िलाफ़ अहानत आमेज़ मवाद पेश करने से बाज़ रखने की अपील की थी।

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