Sunday , December 17 2017

फैलिन से मुतवक़्क़े नुक़्सान ना पहुंचने पर मुक़ामी अफ़राद का इज़हारे इत्मीनान

एक ख़ौफ़नाक समुंद्री तूफ़ान और मूसलाधार बारिश की तवक़्क़ो रखने वाले मुक़ामी अफ़राद ने राहत की सांस ली, क्योंकी समुंद्री तूफ़ान फैलिन से इतना जानी-ओ-माली नुक़्सान नहीं हुआ जिस का अंदेशा था। चंद दरख़्त और बर्क़ी सतून जड़ों से उखड़ गए, ले

एक ख़ौफ़नाक समुंद्री तूफ़ान और मूसलाधार बारिश की तवक़्क़ो रखने वाले मुक़ामी अफ़राद ने राहत की सांस ली, क्योंकी समुंद्री तूफ़ान फैलिन से इतना जानी-ओ-माली नुक़्सान नहीं हुआ जिस का अंदेशा था। चंद दरख़्त और बर्क़ी सतून जड़ों से उखड़ गए, लेकिन सुबह से जब कि आंधी की रफ़्तार 220 किलोमीटर फ़ी घंटा होगई थी और ज़बरदस्त बारिश हो रही थी, फ़ौरी तौर पर बड़े पैमाने पर कोई नुक़्सान नहीं हुआ।

बर्क़ी सतूनों के गिर जाने से बर्क़ी सरबराही का सिलसिला मुनक़ते होगया। सुबह से पड़ोसी इलाक़ों से उन अफ़राद की वापसी शुरू होगई जो तूफ़ान से नुक़्सान के अंदेशे के पेश नज़र महफ़ूज़ मुक़ामात को मुंतक़िल होगए थे। गोपालपुर साहिल पर चंद दुकानें, चंद छोटी होटलें और चंद तफ़रीही मराकिज़ हैं जिन्हें कोई नुक़्सान नहीं पहुंचा। इस लिए दुकानदारों ने अपनी दुकानें और होटल वालों ने अपनी होटलें दुबारा खोल दी हैं। एक मुक़ामी शख़्स ने कहा कि समुंद्री तूफ़ान फैलिन का बहुत शोर था, लेकिन ख़ुशक़िसमती से ज़्यादा नुक़्सान नहीं पहुंचा।

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