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फ्रांस में बुर्का बैन के खिलाफ सामने आईँ औरते, कहा जुर्माना हो या सजा बुर्का पहनना नहीं छोड़ सकती

फ्रांस में हुए आतंकी हमले के बाद से फ्रांस में नकाब या बुर्का पहनने वालों के खिलाफ कानून सख्त हो गया है और फ्रांस के साथ अब दुनिया के कई देशों में महिलाओं को बुर्का पहनने पर रोक लगाने के लिए कानून बनाए जा रहे हैं। लेकिन इस बैन के बावजूद फ्रांस में हिंद अह्रास ऐसी पहली महिला होंगी जो बुर्का बैन के तहत जेल गई है। अह्रास के साथ नाइत अली को भी इसी जुर्म में दो साल की सजा मिली है।

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सूत्रों के मुताबिक़ सार्वजनिक जगह पर बुर्का पहनने पर उन्हें गिरफ्तार किया गया और 11 अप्रैल को उसको मेऔक्स में सजा और जुर्माना लगाया गया था। पूछे जाने पर अह्रास ने बताया कि बुर्का, नकाब हटाना मेरे लिए मुमकिन नहीं है। आपको बता दें कि पूर्वी फ्रांस के एलिसी पैलेस में दोनों को बुर्का पहने हुए देखा गया था। जिसके बाद पेरिस की एक कोर्ट ने अह्रास पर 120 यूरो का जुर्माना लगाया गया और नाइत अली को 80 यूरो का जुर्माना लगाया था। अह्रास ने जुर्माना देने से इंकार करते हुए युरोपियन कोर्ट में अर्जी देते हुए कहा कि ये बैन उनके आजाद विचारों और व्यक्तिगत आजादी के सरासर खिलाफ है। फ्रांस के पुर्व राष्ट्रपति निकोलस सरकोजी के मुताबिक़ बुर्का या नकाब पर बैन का मकसद सिर्फ मुस्लिम समुदाय को सताना नहीं हैं।  दुनिया भर में  फ्रांस एंटी बुर्का कानून बनाने वाला पहला देश है। जिसमें आप सार्वजनिक जगहों पर नकाब, बुर्का या पुरे शरीर को ढकने वाली चीज को नहीं पहन सकते हैं।

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