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बंगारू लक्ष्मण नहीं रहे

बी जे पी के साबिक़ सदर बंगारू लक्ष्मण का हफ़्ते को यहां एक अस्पताल में इंतिक़ाल हो गया। वो 75 साल के थे। साल 2001 में पार्टी के सदर रहते एक लाख रुपये रिश्वत लेने के मुआमले को लेकर मशहूर हुए लक्ष्मण गुज़िश्ता कुछ वक़्त से बीमार थे। एक स्टि

बी जे पी के साबिक़ सदर बंगारू लक्ष्मण का हफ़्ते को यहां एक अस्पताल में इंतिक़ाल हो गया। वो 75 साल के थे। साल 2001 में पार्टी के सदर रहते एक लाख रुपये रिश्वत लेने के मुआमले को लेकर मशहूर हुए लक्ष्मण गुज़िश्ता कुछ वक़्त से बीमार थे। एक स्टिंग ऑप्रेशन में फ़र्ज़ी हिफ़ाज़त सौदे के लिए उन्हें एक लाख रुपये लेते हुए दिखाया गया था, जिसके बाद उस वक्त की एन डी ए हुकूमत को बड़ी सत्ह पर शर्मिंदगी का सामना करना पड़ा था।

गुज़िश्ता कुछ दिनों से उनकी सेहत ठीक नहीं थी। उन्हें गुर्दे की बीमारी थी। आज शाम 5 बजे हैदराबाद के यशोदा अस्पताल में दिल का दौरा पड़ने से उनका इंतिक़ाल हुआ। उनके ख़ानदान में बीवी, तीन बेटियाँ और एक बेटा हैं।

एन डी ए हुकूमत के वक़्त बी जे पी के पहले दलित सदर होने के नाते पार्टी की कमान सँभाल रहे लक्षमा को 2001 में तहलका के असटिंग ऑप्रेशन में रिश्वत लेते कैमरे में क़ैद कर लिए जाने पर ओहदा छोड़ना पड़ा था . बाद में 2012 में सी बी आई की ख़ुसूसी अदालत ने उन्हें मज़कूरा मुआमले में मुजरिम क़रार दिया था।

आंध्र प्रदेश में एक दलित ख़ानदान में पैदा हुए लक्ष्मण नौजवानी में सियासत में आए और 1996 में राज्यसभा के लिए मुंतख़ब हुए। एमरजेंसी में जेल जाने वाले रहनुमाओं में वो भी शामिल थे। उनकी बीवी सूशीला लक्ष्मण बंगारू बी जे पी के टिकट पर 14 वीं लोक सभा के लिए राजिस्थान के जालोर से मुंतख़ब हुईं थीं। बी जे पी सदर राजनाथ सिंह समेत पार्टी के कई रहनुमाओं ने उनके इंतिक़ाल पर अफ़सोस का इज़हार किया है।

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