बंगाल: पुलिस के मना करने के बावजूद नहीं माने BJP नेता, लगा था कर्फ्यू फिर भी किया दौरा

बंगाल: पुलिस के मना करने के बावजूद नहीं माने BJP नेता, लगा था कर्फ्यू फिर भी किया दौरा

पिछले सप्ताह रामनवमी पर हिंसा के बाद भाजपा के एक प्रतिनिधिमंडल ने स्थिति का जायजा लेने के लिए राज्य सरकार की निषेधाज्ञा का उल्लंघन करके रविवार को आसनसोल का दौरा किया। भाजपा के राष्ट्रीय प्रवक्ता शाहनवाज हुसैन के नेतृत्व में भाजपा के चार सदस्यीय प्रतिनिधिमंडल ने कड़ी सुरक्षा के बीच आसनसोल का दौरा किया। प्रतिनिधिमंडल के सदस्य राहत शिविरों में भी गए जहां उनके साथ भाजपा के स्थानीय नेता भी मौजूद थे। शाहनवाज हुसैन ने कोलकाता वापस आने पर पश्चिम बंगाल की तृणमूल कांग्रेस सरकार पर पश्चिम बर्दवान जिले के आसनसोल-रानीगंज क्षेत्र में स्थिति नियंत्रित करने में ‘विफल रहने’ का आरोप लगाया।

उन्होंने कहा, ‘उसने (सरकार) एक मूक दर्शक की भूमिका निभायी। हम आसनसोल में राहत शिविरों में गये और हमने पाया कि जो कुछ हुआ वह गलत था। यह राज्य सरकार की विफलता है।’ हुसैन ने कहा कि प्रतिनिधिमंडल ने आसनसोल में जो भी भी देखा उसको लेकर सोमवार को भाजपा अध्यक्ष अमित शाह को एक रिपोर्ट सौंपेगा। प्रतिनिधिमंडल का गठन भाजपा अध्यक्ष द्वारा किया गया है। प्रतिनिधिमंडल में हुसैन के अलावा पार्टी के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष एवं राज्यसभा सदस्य ओम प्रकाश माथुर, पलामू के सांसद एवं झारखंड पुलिस के पूर्व महानिदेशक विष्णु दयाल राम और राज्यसभा सांसद रूपा गांगुली शामिल हैं।

माथुर ने कहा, ‘हम चाहते हैं कि प्रशासन यहां दंगों के लिए जिम्मेदार दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई करे।’ आसनसोल जाने के रास्ते में प्रतिनिधिमंडल को पुलिस ने सबसे पहले बसरा मोड़ और उसके बाद कालीपहाड़ी के पास रोका गया क्योंकि क्षेत्र में निषेधाज्ञा लागू थी। भाजपा नेता यद्यपि अपनी योजना पर अड़े रहे और आसनसोल की ओर बढ़े।

ममता बनर्जी सरकार ने शनिवार को कहा था कि वह भाजपा दल को कोयला नगरी आसनसोल और रानीगंज जाने की इजाजत नहीं देगी क्योंकि दंगा प्रभावित इन नगरों में धारा 144 के तहत निषेधाज्ञा लगी है। राज्य सरकार ने यह भी कहा था कि पंचायत चुनाव की घोषणा होने और आचार संहिता लागू होने के चलते वह भाजपा प्रतिनिधिमंडल को दंगा प्रभावित आसनसोल यात्रा के दौरान पर्याप्त सुरक्षा नहीं मुहैया करा पाएगी।

पश्चिम बंगाल के राज्यपाल केशरी नाथ त्रिपाठी ने कल हिंसा प्रभावित आसनसोल और रानीगंज का दौरा किया था। उन्होंने वहां पुलिस और प्रशासन के वरिष्ठ अधिकारियों के साथ बैठक करने के साथ ही लोगों से शांति बनाए रखने की अपील की थी।  आसनसोल-रानीगंज में रामनवमी के जश्न को लेकर दो समूहों के बीच झड़प हो गई थी जिसमें एक व्यक्ति की मौत हो गई और दो पुलिसकर्मी घायल हो गए।  पुलिस के एक वरिष्ठ अधिकारी के अनुसार इन दोनों शहरों में इंटरनेट सेवाएं निलंबित हैं।

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