Friday , December 15 2017

बगैर मुक़ामी पॉलिसी बने असातेज़ा की तकर्रुरी नहीं

वजीरे तालिम गीताश्री उरांव ने एक बार फिर कहा है कि डोमिसायल की पॉलिसी बनने के बाद ही असातेज़ा की तकर्रुरी की अमल शुरू होगी। इससे पहले भी उन्होंने कहा था कि जो झारखंडी नहीं है, उसे टीचर की मुलाज़मत नहीं मिलेगी, पर बाद में पलट गयी थी।

वजीरे तालिम गीताश्री उरांव ने एक बार फिर कहा है कि डोमिसायल की पॉलिसी बनने के बाद ही असातेज़ा की तकर्रुरी की अमल शुरू होगी। इससे पहले भी उन्होंने कहा था कि जो झारखंडी नहीं है, उसे टीचर की मुलाज़मत नहीं मिलेगी, पर बाद में पलट गयी थी। इतवार को उन्होंने वाज़ेह तौर पर कहा : बिना मुक़ामी पॉलिसी बने असातेज़ा की तकर्रुरी नहीं होगी। वज़ीर के इस बयान के बाद टीचर तकर्रुरी की तैयारी में जुटे नौजवानों को अभी और इंतजार करना पड़ सकता है। टीचर तकर्रुरी डोमिसायल के पेंच में फंसती दिख रही है, जबकि टेट का रिज़ल्ट निकलने के बाद इसकी अमल शुरू कर दी गयी है।

पॉलिसी बनाने की अमल जल्द शुरू : वजीरे तालिम गीताश्री उरांव ने कहा : मुक़ामी पॉलिसी कुछ भी हो, पर इसे बनाना चाहिए। यह पूछे जाने पर कि पॉलिसी कब तक बनेगी, उन्होंने कहा : जल्द ही इसकी अमल शुरू कर दी जायेगी। काबीना के तौसिह का काम पूरा हो गया है। मुक़ामी पॉलिसी बनाने के मामले को कुल जमाती कमेटी के सामने रखा जायेगा। इस पर कुल जमाती कमेटी फैसला लेगी। इत्तिफाक़ राय से मुक़ामी पॉलिसी बनायी जायेगी। इसके बाद ही असातेज़ा तकर्रुरी अमल शुरू होगी।

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