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बचपन की शादीयों, बच्चा मज़दूरी के ख़िलाफ़ शऊर बेदारी की ज़रूरत

बचपन की शादियां बच्चा मज़दूरी के ख़िलाफ़ अवाम में शऊर पैदा करने की बहुत ज़्यादा ज़रूरत है। ज़िला रंगा रेड्डी के देही इलाक़ों में लोग अपने बच्चों की शादियां कम उमर में करने की काफ़ी शिकायतें आ रही हैं और बच्चा मज़दूरी का भी ज़िला म

बचपन की शादियां बच्चा मज़दूरी के ख़िलाफ़ अवाम में शऊर पैदा करने की बहुत ज़्यादा ज़रूरत है। ज़िला रंगा रेड्डी के देही इलाक़ों में लोग अपने बच्चों की शादियां कम उमर में करने की काफ़ी शिकायतें आ रही हैं और बच्चा मज़दूरी का भी ज़िला में काफ़ी इज़ाफ़ा होता जा रहा है। इस से बच्चों का मुस्तक़बिल ख़राब हो सकता है। हमें इस मसअला पर बड़ी संजीदगी के साथ काम करना होगा।

ज़िला रंगा रेड्डी चाइल्ड प्रोटेक्शन यूनिट के जायज़ा इजलास से मुख़ातब करते हुए ज़िला कलेक्टर श्रीमती वाणी प्रसाद ने ये बात कही। इस इजलास में लीगल सर्विस अस्सिटैंट मेंबर सेक्रेट्री मिस्टर गौतम प्रसाद डिस्ट्रिक्ट लीगल सर्विसेस सेक्रेट्री मिस्टर दुर्गा प्रसाद और चाइल्ड यूनिट के ओहदेदार मौजूद थे। ।

मिस्टर दुर्गा प्रसाद ने कहा कि लेबर डिपार्टमैंट अगर बच्चा मज़दूरीके ख़िलाफ़ कमर बस्ता होकर काम करना शुरू करदे और दूकान, मालिकों और फ़ैक्ट्री मालिकीन, होटलें, बेकरीज़ यानी और जगह जहां बच्चे काम कर रहे हों

उन के मालिक पर भारी जुर्माना आइद करें और ये रक़म बच्चा के नाम पर बैंक में जमा करवाएँ और बच्चों को सरकारी खाँगी हॉस्टल में दाख़िला दिलवाएँ ताकि बच्चा पढ़ लिख कर आगे बढ़ सके। ये हमारी सब की ज़िम्मेदारी है। इस के इलावा बचपन की शादियां ये भी काफ़ी संगीन मसअला है। उन्हों ने बताया कि लीगल सर्विसेस के रूबरू शिकायतें पेश करें। कोर्ट दूकान मालिकीन के ख़िलाफ़ जो कार्रवाई करना है,

ज़रूर करेगा। इस जायज़ा इजलास में डिस्ट्रिक्ट चाइल्ड कौंसिल का क़ियाम अमल में लाने के लिए क़रारदाद मंज़ूर की गई। आइन्दा एक हफ़्ता में ज़िला सतह पर तमाम महिकमों के ओहदेदार बड़े पैमाने पर बच्चा मज़दूरी बचपन की शादियां और गदागरी के ख़िलाफ़ ख़ाती पाए जाने वालों को लीगल सर्विस के हवाले कर दिया जाएगा।

क़ानूनी तौर पर जो सज़ा हो सकती है वो लीगल सर्विस अपनी ज़िम्मेदारी से करेंगे।

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