Wednesday , December 13 2017

बच्चों को अख़लाक़ीयात सिखाना आज की एहम ज़रूरत

फ़रह हाई स्कूल हाफ़िज़ बाबा नगर में हफ़्ता अख़लाक़ीयात के इख़ततामी जलसे में बहैसीयत मेहमान ख़ुसूसी जनाब हाफ़िज़ पैर शब्बीर अहमद ने अपनी तक़रीर में कहा कि आज तालिब-ए-इल्मों को असरी तालीम के साथ अख़लाक़ीयात से भी वाक़िफ़ रहना ज़रूरी

फ़रह हाई स्कूल हाफ़िज़ बाबा नगर में हफ़्ता अख़लाक़ीयात के इख़ततामी जलसे में बहैसीयत मेहमान ख़ुसूसी जनाब हाफ़िज़ पैर शब्बीर अहमद ने अपनी तक़रीर में कहा कि आज तालिब-ए-इल्मों को असरी तालीम के साथ अख़लाक़ीयात से भी वाक़िफ़ रहना ज़रूरी है क्योंकि दुनिया की तालीम के साथ दीनी तालीम भी ज़रूरी है और कहा कि हिजाब का इस्तिमाल मज़हब स्लाम में लाज़िमी है, आज ग़ैर मुस्लिम लड़कीयां भी हिजाब का इस्तिमाल कररही हैं।

अपनी शनाख़्त को छुपा रखने के साथ साथ आलूदगी से हिफ़ाज़त का ज़रीया भी हिजाब है।बशीर उद्दीन फ़ारूक़ी रिटायर्ड डिप्टी एजूकेशनल ऑफीसर ने कहा कि बच्चों को अख़लाक़ीयात पर ज़ोर दिया।

ईलिया डिप्टी एजूकेशनल ऑफीसर बन्डुला गौड़ा ज़ोन ने अपनी तक़रीर में हुकूमत की सकीमात और सहूलयात पर रोशनी डालते हुए कहा कि तालिब ए इल्म हुसूल-ए-ताअलीम के साथ किरदार अछए बनें।

माहिर तालीम एम ए हमीद ने मेहमान एज़ाज़ी की हैसियत से शिरकत की और अपनी तक़रीर में हुक़ूक़ उल-ईबाद पर ज़ोर दिया। उसमान करसपानडनट ने ख़ौरमक़दम किया। मुहतरमा ज़किया ख़ानम ने रिपोर्ट पेश की। राहत सुलताना ने कार्रवाई चलाई। शाज़िया नसरीन ने शुक्रिया अदा किय‌

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