बच्चों को भारत की धरोहर, संस्कृति और परंपराओं के बारे में बताया जाए : वेंकैया नायडू

बच्चों को भारत की धरोहर, संस्कृति और परंपराओं के बारे में बताया जाए : वेंकैया नायडू

उपराष्ट्रपति एम. वेंकैया नायडू ने बच्चों को भारत की धरोहर, संस्कृति और परंपराओं की शिक्षा देने पर बल दिया है।

पोलैंड और यूक्रेन में आयोजित वीर बाल उत्सव 2019 में भारत का प्रतिनिधित्व करने वाले बच्चों से आज नई दिल्ली में बातचीत करते हुए श्री नायडू ने बच्चों के माता-पिता और अध्यापकों से आग्रह किया कि वे बच्चों को भारत की धरोहर, संस्कृति और परंपराओं की शिक्षा देने को सबसे अधिक महत्व दें।

उन्होंने कहा कि स्कूलों को बच्चों में स्वयंसेवक के गुण विकसित करने चाहिए और उन्हें एनएसएस, एनसीसी, स्काउट और गाइड जैसी ऐच्छिक गतिविधियों में भाग लेने के लिए प्रोत्साहित करना चाहिए।

उपराष्ट्रपति ने कहा कि वीर बाल अंतर्राष्ट्रीय उत्सव जैसे आयोजनों में हिस्सा लेने से हमारे युवा एक-दूसरे की संस्कृति का सम्मान और मित्रता का महत्व समझेंगे। उन्होंने आशा व्यक्त की कि ऐसे आयोजनों में हिस्सा लेने से विश्व शांति को बढ़ावा मिलेगा।

श्री नायडू ने स्कूलों से आग्रह किया कि वे बच्चों को स्वस्थ रहने किए खेलों और योग को प्रोत्साहन दें। श्री नायडू के समक्ष बच्चों ने भांगड़ा और डांडिया का प्रदर्शन किया, जिसकी उपराष्ट्रपति ने सराहना की। उन्होंने कहा कि भारतीय संस्कृति और कला को विश्व मंच पर प्रस्तुत किया जाना चाहिए। उन्होंने बच्चों से कहा, “आप लोग भारत के सांस्कृतिक दूत हैं।”

उल्लेखनीय है कि देहरादून के ‘नन्ही दुनिया’ संगठन के 6 युवा सांस्कृतिक कलाकार – खुशी, सानिया, आंचल, मनीष, सक्षम, राहुल, उनके निर्देशक आशु सात्विक गोयल, ग्रुप लीडर हर्षित तथा ‘नन्ही दुनिया’ के प्रतिनिधि उपस्थित थे।

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